खास बातें:
चकराता (देहरादून)।
उत्तराखंड के चकराता स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर फॉल में पर्यटकों की सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया है। पिछले साल हुए दर्दनाक हादसे के बाद से यहां नहाने पर लगी पाबंदी के बावजूद, इसे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचकर झरने में स्नान कर रहे हैं। इलाके में पिछले एक हफ्ते से बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है।
पिछले साल गई थी 2 की जान, 17 पेड़ मिले थे असुरक्षित
बता दें कि 26 मई 2025 को टाइगर फॉल में नहाते समय झरने के ऊपर से एक भारी पेड़ गिर गया था। इस हादसे में दिल्ली की एक महिला पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद 2 जून 2025 को तहसील प्रशासन, पर्यटन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था, जिसमें 17 पेड़ों को बेहद असुरक्षित पाया गया था। इसके बाद से प्रशासन ने झरने में स्नान करने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी और पर्यटकों को केवल दूर से फोटो खींचने की अनुमति थी।
विभागों की लेटलतीफी: 17 खतरनाक पेड़, लेकिन एनओसी सिर्फ 5 की
स्थानीय व्यापारी और क्षेत्रीय विकास निगरानी समिति लंबे समय से व्यापार ठप होने का हवाला देकर फॉल को खोलने की मांग कर रहे थे। लेकिन सुरक्षा के नाम पर विभागों की घोर लापरवाही सामने आई है। जांच में 17 पेड़ असुरक्षित पाए गए थे, लेकिन वन विभाग ने वन निगम को केवल 5 पेड़ काटने की अनापत्ति (NOC) दी है। हैरानी की बात यह है कि अब तक एक भी पेड़ नहीं काटा गया है।
जिम्मेदारों के गोलमोल जवाब- किसने क्या कहा?
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