UTTARAKHAND

देहरादून: 2 मौतों से भी सबक नहीं! खतरनाक पेड़ों के बीच टाइगर फॉल में नहा रहे पर्यटक, किसी बड़े हादसे का है इंतजार?

खास बातें:

  • मई 2025 के दर्दनाक हादसे के बाद से झरने में नहाने पर लगी थी रोक।
  • खराब मौसम और बारिश के बीच जान जोखिम में डालकर नहा रहे पर्यटक।
  • वन विभाग और वन निगम के बीच फाइलों में उलझा खतरनाक पेड़ों के कटान का मामला।
  • एसडीएम को खबर ही नहीं, बोले- ‘मामले की जानकारी लूंगा’।

चकराता (देहरादून)।
उत्तराखंड के चकराता स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर फॉल में पर्यटकों की सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया है। पिछले साल हुए दर्दनाक हादसे के बाद से यहां नहाने पर लगी पाबंदी के बावजूद, इसे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचकर झरने में स्नान कर रहे हैं। इलाके में पिछले एक हफ्ते से बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है।

पिछले साल गई थी 2 की जान, 17 पेड़ मिले थे असुरक्षित
बता दें कि 26 मई 2025 को टाइगर फॉल में नहाते समय झरने के ऊपर से एक भारी पेड़ गिर गया था। इस हादसे में दिल्ली की एक महिला पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद 2 जून 2025 को तहसील प्रशासन, पर्यटन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था, जिसमें 17 पेड़ों को बेहद असुरक्षित पाया गया था। इसके बाद से प्रशासन ने झरने में स्नान करने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी और पर्यटकों को केवल दूर से फोटो खींचने की अनुमति थी।

विभागों की लेटलतीफी: 17 खतरनाक पेड़, लेकिन एनओसी सिर्फ 5 की
स्थानीय व्यापारी और क्षेत्रीय विकास निगरानी समिति लंबे समय से व्यापार ठप होने का हवाला देकर फॉल को खोलने की मांग कर रहे थे। लेकिन सुरक्षा के नाम पर विभागों की घोर लापरवाही सामने आई है। जांच में 17 पेड़ असुरक्षित पाए गए थे, लेकिन वन विभाग ने वन निगम को केवल 5 पेड़ काटने की अनापत्ति (NOC) दी है। हैरानी की बात यह है कि अब तक एक भी पेड़ नहीं काटा गया है।

जिम्मेदारों के गोलमोल जवाब- किसने क्या कहा?

  • वन निगम को करनी है कार्रवाई: “वन निगम को असुरक्षित पेड़ों के कटान के लिए अनापत्ति दी जा चुकी है। पेड़ों का कटान निगम की ओर से ही किया जाना है।” – वैभव कुमार, डीएफओ, चकराता
  • हाल ही में मिला है पत्र: “हमें विभाग का पत्र हाल ही में प्राप्त हुआ है। हम कटान की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं, लेकिन हमें केवल पांच पेड़ों के कटान की ही अनापत्ति मिली है।” – ऊषा पुरी, डीएलएम (वन निगम), चकराता
  • मुझे जानकारी ही नहीं: “पर्यटकों के लिए टाइगर फॉल खोलने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। निरीक्षण के लिए गठित समिति में भी मैं शामिल नहीं हूं। संबंधित अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी।” – प्रेमलाल, एसडीएम, चकराता
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