
गोपेश्वर/पीपलकोटी (चमोली): टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल (TRT) में हुए भीषण हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। हादसे के बाद अब तक 8 श्रमिकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 12 श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। टनल के भीतर अभी भी फंसे 2 लापता श्रमिकों की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं।
बृहस्पतिवार को हुए इस हादसे के बाद शुरू किए गए सर्च ऑपरेशन में पहले 7 शव मिले थे, जबकि शनिवार को एक और शव मलबे से बाहर निकाला गया। मृतक की शिनाख्त छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी 2 श्रमिक लापता हैं, जिनकी खोजबीन के लिए टीमें टनल के अंतिम छोर तक पहुंच चुकी हैं।
पानी और भारी मशीनें बनीं रेस्क्यू में बाधा
टनल के भीतर बचाव दल को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है:
- टनल में भारी मात्रा में पानी और मलबा भरा हुआ है, जिसे निकालने के लिए बड़े सक्शन पंप लगाए गए हैं।
- अंदर भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री फंसी हुई है।
- अधिकारियों ने बताया कि अब तक टनल से 3 मशीनों को हटा दिया गया है, जबकि एक एक्सकेवेटर और एक डंपर को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
मंडलायुक्त ने गोपेश्वर में की हाईलेवल समीक्षा बैठक
सोमवार को गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनन्द स्वरूप की अध्यक्षता में जिला सभागार गोपेश्वर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
- अधिकारियों को निर्देश: मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि लापता श्रमिकों की तलाश के लिए अभियान को पूरी गंभीरता और तेजी से चलाया जाए।
- एजेंसियों में समन्वय: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- आरवीएनएल से सहयोग: मंडलायुक्त ने आरवीएनएल (RVNL) के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर टीएचडीसी से संबंधित बचाव कार्यों में तकनीकी सहयोग और आधुनिक संसाधनों का उपयोग करने को कहा।

मुआवजे की मांग पर यूकेडी का टीएचडीसी दफ्तर पर प्रदर्शन
इधर, हादसे को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
- कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह हादसा कंपनी की घोर लापरवाही का नतीजा है।
- प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मृतकों के आश्रितों और पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए।
- प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यूकेडी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी गेट पर आकर मुआवजे का ठोस आश्वासन नहीं देते, उनका विरोध जारी रहेगा।
