
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सीएम धामी ने युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और लंबे समय से पट्टे या सरकारी जमीन पर काबिज लोगों को बड़ा तोहफा दिया। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और बच्चों के सम्मान के लिए ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू करने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री धामी की 7 बड़ी घोषणाएं:
- राज्य युवा आयोग का गठन: युवाओं के विकास और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रदेश में ‘राज्य युवा आयोग’ की स्थापना की जाएगी।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए नई स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू होगी। इसके तहत IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से निशुल्क उद्यमिता व कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उद्योग लगाने के लिए बैंक ऋण पर 30 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) सरकार देगी।
- पहाड़ों में विशेष औद्योगिक पार्क: पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा जिले में विशेष औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे।
- अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को विशेष सहायता: सीमांत गांवों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार और उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- भूमिधरी का अधिकार: पट्टे अथवा लंबे समय से सरकारी भूमि पर काबिज लोगों के विनियमितीकरण (Regularization) की समय सीमा का विस्तार कर उन्हें भूमिधरी अधिकार दिया जाएगा।
- प्रधानमंत्री आवास योजना में सहायता राशि बढ़ी: पीएम आवास योजना के तहत राज्य सरकार की हिस्सेदारी को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 किया जाएगा।
- बाल वीरता पुरस्कार की शुरुआत: अदम्य साहस और बहादुरी दिखाने वाले प्रदेश के बच्चों को इस वर्ष से राज्य स्तर पर ‘बाल वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा।
सैनिकों और बलिदानियों के परिवारों के लिए बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ ‘वीरभूमि’ भी है। देहरादून में भव्य ‘सैन्य धाम’ का निर्माण तेजी से चल रहा है। सैनिकों के कल्याण को लेकर उन्होंने कहा:
- बलिदानियों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दिया गया है।
- परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों की अनुग्रह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹2 करोड़ की गई है।
- प्रत्येक बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा रहा है।
- सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
आध्यात्मिक पर्यटन और धार्मिक विरासत को नई पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केदारनाथ-बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर और शीतकालीन यात्रा से प्रदेश के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी हरिद्वार कुंभ महापर्व में श्रद्धालुओं की आमद का नया रिकॉर्ड बनेगा।
