देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तराखंड परिवहन विभाग ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। यात्रा सीजन के दौरान दूसरे राज्यों से वाहन लाकर उत्तराखंड में कमाई करने और फिर वापस चले जाने वाले ‘मौसमी’ वाहन स्वामियों पर लगाम कसने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। अब देहरादून संभाग में वाहनों के पंजीकरण के लिए पुलिस सत्यापन (Police Verification) के साथ-साथ आय का ब्यौरा देना भी अनिवार्य होगा।
स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स के हितों की रक्षा
देहरादून आरटीओ (RTO) संदीप सैनी ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि चारधाम यात्रा शुरू होते ही बाहरी राज्यों के लोग एनओसी (NOC) लेकर अपनी बसें और टेंपो ट्रैवलर देहरादून आरटीओ में पंजीकृत करा लेते हैं। यात्रा सीजन खत्म होते ही ये लोग फिर से एनओसी लेकर अपने मूल राज्य लौट जाते हैं। इस प्रक्रिया से उत्तराखंड के उन ट्रैवल व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होता है जो साल भर टैक्स भरते हैं और सरकारी कार्यों (जैसे चुनाव या अन्य ड्यूटी) में अपनी गाड़ियां उपलब्ध कराते हैं।
नए नियमों के घेरे में होंगे वाहन स्वामी
परिवहन विभाग ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को ‘फिल्टर’ करने के लिए निम्नलिखित सख्त नियम लागू किए हैं:
सेकंड हैंड गाड़ियों पर विशेष नजर
आरटीओ ने स्पष्ट किया कि सेकंड हैंड गाड़ियों के पंजीकरण के लिए नियम और भी सख्त रखे गए हैं ताकि प्रदेश में फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न रहे। विभाग का मानना है कि इन बदलावों से केवल वही गाड़ियां यात्रा मार्ग पर चलेंगी जो नियमों का पूरी तरह पालन करती हैं, जिससे प्रशासन के पास वाहनों का सटीक डेटा उपलब्ध रहेगा।
परिवहन विभाग का यह कदम न केवल चारधाम यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करेगा, बल्कि उत्तराखंड के स्थानीय वाहन स्वामियों और ट्रैवल एजेंटों के व्यवसाय को भी मजबूती प्रदान करेगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि बिना पूरी प्रक्रिया और सत्यापन के किसी भी वाहन का ट्रांसफर या पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
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