UTTARAKHAND

नीति-माणा जनजाति समागम: पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बोले- “संस्कृति का संरक्षण हमारी प्राथमिकता”

चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के बिरही बेड़ू बगड़ में आयोजित तीन दिवसीय जनजातीय समागम सम्मेलन के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति की भूरी-भूरी प्रशंसा की और समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।

पारंपरिक अंदाज में हुआ भव्य स्वागत
कार्यक्रम के समापन दिवस पर मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पीपलकोटी पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने सड़क मार्ग से बिरही बेड़ू बगड़ स्थित कार्यक्रम स्थल की दूरी तय की। आयोजन स्थल पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और पारंपरिक वेशभूषा में सजे आयोजकों ने गाजे-बाजे के साथ ‘पोणा नृत्य’ कर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक परिवेश को देखकर मुख्यमंत्री भावुक नजर आए।

जनजातीय समुदाय की प्रमुख मांगें
आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र और समुदाय के विकास के लिए चार प्रमुख मांगें रखीं:

  1. शीतकालीन आवास हेतु भूमि का स्थायी निस्तारण।
  2. भोटिया पड़ाव बेड़ू बगड़ की भूमि को जनजातीय समुदाय के हित में संरक्षित करना।
  3. महान पर्यावरण प्रेमी गौरा देवी की स्मृति में भोटिया पड़ाव में मूर्ति की स्थापना।
  4. पर्यावरण संरक्षण पर आधारित एक आधुनिक पार्क का निर्माण।

भूमि आवंटन पर मुख्यमंत्री का बड़ा आश्वासन
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध परंपराएं और जनजातीय संस्कृति पूरे विश्व में विशिष्ट पहचान रखती है। उन्होंने घोषणा की कि विभिन्न स्थानों पर ‘भोटिया पड़ाव’ की भूमि को जनजातीय समुदाय के नाम करने की प्रक्रिया पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और इस पर जल्द ही ठोस निर्णय लिया जाएगा।

कांग्रेस पर निशाना और विकास योजनाओं का जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों ने जनजातीय समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज इस समाज का वास्तविक सशक्तिकरण हो रहा है।

सीएम ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा:

  • बजट में वृद्धि: प्रधानमंत्री ने जनजातीय कल्याण के लिए आवंटित बजट को तीन गुना बढ़ा दिया है।
  • पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान: इस योजना के तहत उत्तराखंड के 128 गांवों का चयन किया गया है, जहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
  • सीमांत क्षेत्रों का विकास: सीमांत गांव सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। यहाँ सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों की योजनाएं जमीन पर उतारी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है, ताकि जनजातीय समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रहे और आर्थिक रूप से भी सुदृढ़ हो सके।

Tv10 India

Recent Posts

उत्तराखंड पंचायत चुनाव: 12 जिलों में उपप्रधान पद के लिए 15 जुलाई को मतदान, निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना

देहरादून: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत उपप्रधान पदों पर चुनावी सरगर्मी तेज हो…

7 hours ago

उत्तराखंड की नई खेल नीति में जनता भी दे सकेगी सुझाव: खेल मंत्री रेखा आर्या का बड़ा फैसला, जल्द जारी होगा ऑनलाइन लिंक

देहरादून, उत्तराखंड सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को निखारने और खेल ढांचे को मजबूत करने…

7 hours ago

उत्तराखंड की नई खेल नीति में जनता भी दे सकेगी सुझाव, जल्द जारी होगा ऑनलाइन लिंक: खेल मंत्री रेखा आर्या

देहरादून: उत्तराखंड सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को निखारने और खेल ढांचे को समय के…

7 hours ago

बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामला: आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल निलंबित, सीएम धामी के निर्देश पर उच्चस्तरीय जांच समिति गठित

देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में वित्तीय अनियमितता…

8 hours ago

दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर झुका; CBRI रुड़की वैज्ञानिक तकनीक से बचाएगा 1000 साल पुराना तुंगनाथ मंदिर

रुड़की: हिमालय की गोद में, समुद्र तल से 12 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई…

10 hours ago

पतंजलि सिविल सर्विसेज अकादमी: 16 राज्यों के अभ्यर्थियों में भारी उत्साह, स्वामी रामदेव ने की बड़ी घोषणा; जानें पूरा शेड्यूल

हरिद्वार (उत्तराखंड): पतंजलि योगपीठ द्वारा शुरू की गई 'पतंजलि सिविल सर्विसेज अकादमी' को लेकर देश भर…

12 hours ago