
देहरादून। चारधाम यात्रा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बड़ा फैसला लिया है। अब बुजुर्गों और दिव्यांगों को घंटों लाइनों में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उनके लिए ‘सुगम दर्शन’ की विशेष व्यवस्था लागू की जा रही है।
क्या है नई व्यवस्था?
- विशेष स्लॉट: मंदिर समिति सुबह और शाम आधा-आधा घंटे का समय केवल वरिष्ठ नागरिकों (70 वर्ष से अधिक) और दिव्यांगों के लिए आरक्षित रखेगी।
- दस्तावेज जरूरी: सुविधा का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं को काउंटर पर पंजीकरण कराना होगा। बुजुर्गों को आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड और दिव्यांगों को अपना प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
- दर्शन पास: सत्यापन के बाद श्रद्धालुओं को एक विशेष दर्शन पास जारी किया जाएगा, जिससे वे निर्धारित समय में आसानी से दर्शन कर सकेंगे।
क्यों लिया गया फैसला?
चारधाम यात्रा में हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लंबी लाइनों और ऊंचाई वाले इलाकों में ऑक्सीजन की कमी के कारण बुजुर्गों और दिव्यांगों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आ रही थीं। इसे देखते हुए समिति ने यह निर्णय लिया है।
क्या बोले अधिकारी?
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा और उनका सम्मान है। इस नई पहल से बुजुर्गों और दिव्यांगों को आम कतार में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना ही हमारा मुख्य लक्ष्य है।”
