
देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में ‘नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के काउंटडाउन रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मशाल प्रज्ज्वलित की और स्वयं भी एक प्रतीकात्मक दौड़ में हिस्सा लेकर धावकों का उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही, उन्होंने 31 मई 2026 को आयोजित होने वाले इस मुख्य आयोजन के आधिकारिक मस्कट (शुभंकर) ‘क्यालु-हिम तेंदुआ’ (Snow Leopard) का भी अनावरण किया।
खबर के मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
- मुख्य आयोजन की तारीख: 31 मई 2026 को नीति घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में होगी मुख्य दौड़।
- आधिकारिक मस्कट: हिम तेंदुए पर आधारित मस्कट ‘क्यालु’ का अनावरण किया गया।
- बड़ी भागीदारी: देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से अब तक 900 से अधिक धावक पंजीकरण करा चुके हैं।
- उद्देश्य: सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना।
सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा का अभियान: सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ केवल एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह देश के सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, अवसर और विश्वास को जागृत करने का एक माध्यम है। उन्होंने युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं है, बल्कि यह दृढ़ इच्छाशक्ति और धैर्य को मजबूत करने का भी माध्यम है।
पीएम मोदी के ‘पहले गांव’ के विजन को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम गांव नहीं, बल्कि ‘पहले गांव’ हैं। इस तरह के आयोजनों से इन क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ने के लिए बुलंद हौसले की जरूरत होती है और इसमें भाग लेने वाले सभी धावक उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर हैं।
उत्तराखंड बनेगा एडवेंचर स्पोर्ट्स का बड़ा हब
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिजम डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। केंद्र सरकार के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों की तर्ज पर राज्य में भी खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मई को होने वाला यह मुख्य आयोजन उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा।
