
रुद्रपुर/दिनेशपुर. उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर थाना क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित फर्जी डॉक्टर को रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर आयुर्वेदिक दवाओं में गुपचुप तरीके से एलोपैथिक दवाएं मिलाकर मरीजों को दे रहा था। पुलिस और प्रशासन की टीम ने क्लीनिक से भारी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद की हैं।
मामले के मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
- योग्यता: आरोपी महज 12वीं पास है, उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री या लाइसेंस नहीं मिला।
- फर्जीवाड़ा: आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर दवाओं में एलोपैथिक साल्ट मिलाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा था।
- निवासी: आरोपी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का रहने वाला बताया जा रहा है।
- कार्रवाई: संदिग्ध दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी लैब भेजे गए हैं।
शिकायत के बाद प्रशासन ने मारा छापा
स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही थी कि दिनेशपुर क्षेत्र में एक युवक बिना किसी डिग्री के क्लीनिक चला रहा है और मरीजों को संदिग्ध दवाएं दे रहा है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए दिनेशपुर पुलिस, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विभाग की टीम और प्रशासनिक अधिकारी ऋचा सिंह ने संयुक्त रूप से क्लीनिक पर छापेमारी की। टीम के अचानक पहुंचने से मौके पर हड़कंप मच गया।
दस्तावेज मांगने पर खुली पोल, आरोपी केवल 12वीं पास
जांच के दौरान जब अधिकारियों ने आरोपी से चिकित्सकीय डिग्री और क्लीनिक संचालन से जुड़े आवश्यक लाइसेंस मांगे, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी केवल इंटरमीडिएट (12वीं) पास है और पिछले करीब एक साल से यहां अवैध रूप से क्लीनिक चलाकर लोगों का उपचार कर रहा था।
ड्रग इंस्पेक्टर ने दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे
छापेमारी के दौरान क्लीनिक से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद की गईं। उधम सिंह नगर के ड्रग इंस्पेक्टर ने मौके पर पहुंचकर दवाओं को कब्जे में लिया और उनके सैंपल सील कर प्रयोगशाला (लैब) भेज दिए।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित अधिनियमों के तहत आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से ऐसे सभी फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने की मांग की है।
