UTTARAKHAND

अर्थ ऑवर पर CM धामी की मिसाल: 1 घंटे के लिए बुझाई आवास की लाइटें; बोले- सुरक्षित भविष्य के लिए ऊर्जा बचाना जरूरी

देहरादून | वैश्विक पर्यावरणीय पहल ‘अर्थ ऑवर’ (Earth Hour) के समर्थन में शनिवार रात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मिसाल पेश की। रात 8:30 बजते ही मुख्यमंत्री आवास की सभी गैर-जरूरी लाइटें बंद कर दी गईं। अगले एक घंटे यानी 9:30 बजे तक मुख्यमंत्री अंधेरे में रहे और इस वैश्विक अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

मुख्यमंत्री की इस पहल का असर राजधानी देहरादून समेत पूरे प्रदेश में देखने को मिला, जहां हजारों लोगों ने स्वेच्छा से बिजली बंद कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

CM बोले- यह सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, जिम्मेदारी का एहसास है

लाइटें बंद करने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों के नाम संदेश में कहा, “अर्थ ऑवर केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं है, बल्कि यह हम सभी को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने का एक सशक्त माध्यम है। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। छोटे-छोटे प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य सुनिश्चित करेंगे।”

उन्होंने राज्य के नागरिकों से अपील की कि वे ऊर्जा बचत को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं।

राजधानी में दिखा असर: होटलों और संस्थानों ने भी दिया साथ

मुख्यमंत्री के आह्वान पर देहरादून के कई इलाकों में रात 8:30 से 9:30 बजे के बीच अंधेरा छाया रहा।

  • दीये और मोमबत्तियां: कई आवासीय सोसायटियों में लोगों ने बिजली बंद कर बालकनी में मोमबत्तियां और मिट्टी के दीये जलाए।
  • संस्थानों की भागीदारी: सरकारी भवनों के साथ-साथ प्रमुख होटलों और व्यावसायिक संस्थानों ने भी अपनी फसाड लाइटें बंद रखीं।
  • छात्रों का उत्साह: पर्यावरण प्रेमियों और छात्रों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को ऊर्जा बचाने के लिए प्रेरित किया।

क्या है अर्थ ऑवर? (Earth Hour Fact Box)

  • शुरुआत: इसकी शुरुआत डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (The World Wide Fund for Nature) द्वारा की गई थी।
  • उद्देश्य: जलवायु परिवर्तन के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करना और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना।
  • कैसे मनाते हैं: हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को दुनिया भर में रात 8:30 से 9:30 बजे तक गैर-जरूरी बिजली उपकरणों को बंद रखा जाता है।

‘पर्यावरण और विकास में संतुलन जरूरी’

सीएम धामी ने जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राज्य है। यहां सरकार ‘सतत विकास’ (Sustainable Development) को प्राथमिकता दे रही है। हमारा लक्ष्य विकास की रफ्तार को बनाए रखते हुए हिमालयी पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना है।

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