भराड़ीसैंण (कर्णप्रयाग): 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 800 से अधिक लोगों के साथ योगाभ्यास किया और इसी मंच से प्रदेश की पहली ‘उत्तराखंड योग नीति 2025’ का अनावरण किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक अनिल नौटियाल, योग गुरु भारत भूषण और आठ देशों के राजनयिक भी उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय भव्यता मिली।
पारंपरिक वाद्ययंत्रों और छोलिया नृत्य के साथ भव्य स्वागत के बीच मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने सबसे पहले बच्चों से मुलाकात कर योग के प्रति उनके उत्साह की सराहना की।इसके बाद उन्होंने योगाभ्यास सत्र का नेतृत्व किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपने एक्स (X) अकाउंट पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “योग भारत की प्राचीनतम और गौरवशाली परंपरा का अमूल्य उपहार है। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है बल्कि सकारात्मक दृष्टिकोण भी प्रदान करता है।” उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड से निकला योग आज संपूर्ण विश्व में अपनाया जा रहा है। आइए, हम सभी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ व संतुलित समाज के निर्माण में सहभागी बनें।”
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मेक्सिको, फिजी, नेपाल, सूरीनाम, मंगोलिया, लातविया, श्रीलंका और रूस के प्रतिनिधि शामिल हुए।विदेशी मेहमानों ने भराड़ीसैंण की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध लोक संस्कृति की प्रशंसा की।इस आयोजन के माध्यम से राज्य सरकार ने न केवल योग को बढ़ावा दिया है, बल्कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में सक्रिय करने और इसे वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता भी स्पष्ट की है।
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