सार : तीन दिन की बर्फबारी के बाद हालांकि आज धूप खिली है, लेकिन रास्ते अभी भी बंद हैं। बदरीनाथ में 2 फीट और हेमकुंड साहिब में 3 फीट तक बर्फ जम गई है। हिमस्खलन के खतरे और हाईवे बंद होने के कारण बदरीनाथ धाम में काम कर रहे 100 से अधिक श्रमिकों को वापस सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
चमोली/उत्तरकाशी। उत्तराखंड में तीन दिनों की मूसलाधार बारिश और भारी बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बदरीनाथ धाम समेत ऊंचे इलाकों में बर्फ की मोटी परत जम गई है, जिससे बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान के काम ठप पड़ गए हैं। सड़कों पर जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे समेत कई महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह बंद हैं।
प्रशासन की अपील: एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि धाम की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। हाईवे खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन हिमस्खलन का खतरा होने के कारण स्थिति अभी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
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