देहरादून:सर्दियों के इस मौसम में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National Park) आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। करीब 6 साल के लंबे इंतजार के बाद, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ‘हाथी सफारी’ (Elephant Safari) को आधिकारिक रूप से बहाल कर दिया गया है। चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के आदेश के बाद अब पर्यटक जंगल के राजा (बाघ) और अन्य वन्यजीवों को हाथी की पीठ पर बैठकर बेहद करीब से देख सकेंगे।
ढिकाला और बिजरानी जोन में शुरुआत
हाथी सफारी की शुरुआत पार्क के सबसे प्रमुख जोन—ढिकाला और बिजरानी में की गई है।
किराया और नियम (Ticket Price & Rules)
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह ने सफारी से जुड़े नियम और शुल्क की जानकारी दी है:
2018 में लगी थी रोक
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का हवाला देते हुए हाथियों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगा दी थी। तब से यह सेवा पूरी तरह बंद थी। जून 2024 में स्टेट वाइल्डलाइफ बोर्ड की बैठक में इसे दोबारा शुरू करने की मंजूरी मिली, जिसके बाद अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर इसे लागू कर दिया गया है।
इस फैसले से स्थानीय पर्यटन कारोबारियों और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है, क्योंकि हाथी सफारी कॉर्बेट के रोमांच का एक अहम हिस्सा मानी जाती है।
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