
देहरादून: उत्तराखंड में भर्तियों की मांग को लेकर मंगलवार को बेरोजगारों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले सैकड़ों युवा सचिवालय कूच करने निकले। परेड ग्राउंड से शुरू हुआ यह मार्च जैसे ही सचिवालय के करीब सुभाष रोड पर पहुँचा, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारी युवा वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
युवाओं की प्रमुख मांगें:
- लोक सेवा आयोग: एई (AE) और जेई (JE) की रुकी हुई भर्तियाँ तत्काल जारी हों।
- लंबित भर्तियाँ: प्रदेश में अटकी पड़ी भर्ती प्रक्रिया को तुरंत गति दी जाए।
- पुलिस भर्ती: उत्तराखंड पुलिस में 1500 पदों और महिला पुलिस सिपाही के 400 पदों पर जल्द विज्ञप्ति निकाली जाए।
‘सरकार ने किया छलावा’
बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम कंडवाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सरकार ने युवाओं से 60 हजार भर्तियाँ देने का वादा किया था, लेकिन वह वादा अब सिर्फ एक जुमला बनकर रह गया है।” कंडवाल ने आरोप लगाया कि राज्य के युवाओं को रोजगार देने के बजाय दूसरे राज्यों के युवाओं को तरजीह दी जा रही है, जबकि हमारे युवा दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
‘नहीं सुधरे तो होगा बड़ा आंदोलन’
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में दिल्ली में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। राम कंडवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते भर्तियों की विज्ञप्ति जारी नहीं की, तो बेरोजगारों का यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। उन्होंने कहा कि सड़कों पर उतरना हमारी मजबूरी है, यदि समय पर रोजगार मिलता तो युवाओं को अपना कीमती समय प्रदर्शनों में बर्बाद नहीं करना पड़ता।
