
गैरसैंण: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाओं से नाराज युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण में मोर्चा खोल दिया है। युवाओं ने मुख्य चौराहे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने में विफल रहने वाले शिक्षा मंत्री को अब पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
‘करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर’
प्रदर्शनकारी युवाओं ने कहा कि NEET, JEE और UGC-NET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं ने देश के करोड़ों मेधावी छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पूरी तरह फेल हो चुकी है। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब उत्तराखंड में सख्त नकल विरोधी कानून लागू है, तो फिर पेपर लीक जैसी घटनाएं कैसे हो रही हैं? यह पूरी व्यवस्था की विफलता है।
प्रमुख मांगें:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लें और तत्काल इस्तीफा दें।
- NTA की कार्यप्रणाली की न्यायिक समीक्षा हो।
- जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय व उचित मुआवजा मिले।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने इसे शिक्षा व्यवस्था के अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के भविष्य का सवाल है। वहीं, जिला कांग्रेस महासचिव प्रदीप कुंवर ने आरोप लगाया, “पिछले 12 वर्षों से भाजपा सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। यदि शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, तो कांग्रेस सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन करेगी।”
कांग्रेस नगर अध्यक्ष कुंवर रावत ने कहा कि युवा दिन-रात एक करके तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा के समय पेपर लीक हो जाता है, जिससे उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। केंद्र और राज्य सरकार की विफलता ने युवाओं को सड़क पर आने को मजबूर कर दिया है।
