देहरादून: प्रदेश के 13 जनपदों से राजधानी देहरादून पहुंचे लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर ढोल-दमाऊं के साथ सचिवालय कूच किया। पुलिस ने कर्मचारियों को सुभाष रोड पर सचिवालय से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। रोके जाने से नाराज कर्मचारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और काफी देर तक प्रदर्शन करते रहे।
उत्तरांचल लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने कहा कि स्थानांतरण अधिनियम 2017 की धारा के अनुपालन में खंडीय मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों के पारस्परिक स्थानांतरण नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें राजधानी में प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बताया कि पारस्परिक स्थानांतरण के प्रकरण पिछले वर्ष से प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष स्तर पर लंबित हैं, लेकिन उनका न्यायोचित समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे कार्मिकों में आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि 9 जनवरी को संगठन पदाधिकारियों की बैठक लोनिवि के प्रमुख अभियंता और विभागाध्यक्ष के साथ हुई थी, लेकिन उसके बावजूद कोई संतोषजनक परिणाम नहीं निकला। संगठन का कहना है कि विभाग में एक कर्मचारी के जाने और दूसरे के आने से कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ता है। पारस्परिक स्थानांतरण सक्षम अधिकारी कर सकता है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की हठधर्मिता और शासन-विभाग के बीच टकराव के चलते स्थानांतरण नहीं किए जा रहे हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि एक्ट की अवहेलना की जा रही है, जबकि अधिनियम में उल्लंघन करने वाले अधिकारी के लिए दंड का प्रावधान है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर के लोनिवि कर्मी यमुना कॉलोनी स्थित विभागीय मुख्यालय में धरना देंगे। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर एसोसिएशन सर्वसम्मति से आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगी। इस दौरान संगठन की ओर से शासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।
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