
– पार्षद अभिषेक पंत का अल्टीमेटम, ‘समान वार्ड-समान कर्मी’ का फैसला लागू नहीं किया तो होगा धरना
– बोर्ड बैठक के सर्वसम्मत फैसले की अनदेखी से पार्षदों में भारी रोष
– डांडा लखौंड के पार्षद अभिषेक पंत ने महापौर सौरभ थपलियाल को लिखा कड़ा पत्र
– नई भर्ती से पहले वर्तमान कर्मचारियों के सभी 100 वार्डों में समान आवंटन की मांग
– कार्रवाई न होने पर निगम प्रशासन के खिलाफ दी गई आंदोलन की चेतावनी।
देहरादून | नगर निगम देहरादून में सफाई कर्मियों (पर्यावरण मित्रों) के असमान वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के बावजूद सभी वार्डों में समान रूप से सफाई कर्मचारियों की तैनाती न होने पर पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में डांडा लखौंड के पार्षद अभिषेक पंत ने महापौर सौरभ थपलियाल को एक कड़ा पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द फैसला लागू नहीं हुआ तो निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
पार्षद अभिषेक पंत ने महापौर सौरभ थपलियाल को लिखे गए पत्र के माध्यम से याद दिलाया है कि इससे पूर्व भी 9 फरवरी और 6 अप्रैल को विभिन्न वार्डों में सफाई कर्मियों के असमान वितरण से उत्पन्न हो रही समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया गया था।
इसके बाद नगर निगम बोर्ड बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई थी। चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि सभी वार्डों में सफाई कर्मियों का समान और न्यायसंगत आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक के दौरान खुद महापौर थपलियाल ने इसका आश्वासन दिया था और नगर आयुक्त द्वारा इस फैसले के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपी गई थी। पार्षद पंत ने खेद जताते हुए कहा है कि पर्याप्त समय बीत जाने के बावजूद आज तक इस निर्णय का अनुपालन नहीं हो पाया है, जिससे न केवल बोर्ड बैठक के फैसले की भावना प्रभावित हो रही है बल्कि सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार का उद्देश्य भी अधूरा रह गया है।
‘ नई भर्ती से पहले पुरानी व्यवस्था सुधारें’
नगर निगम द्वारा नए सफाई कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया प्रस्तावित होने की जानकारी पर भी पत्र में आपत्ति जताई गई है। पार्षद का स्पष्ट मत है कि नई भर्ती करने से पहले वर्तमान में उपलब्ध सफाई कर्मचारियों का सभी वार्डों में समान एवं न्यायसंगत वितरण किया जाना आवश्यक है। इसके बाद यदि नई भर्ती की जाती है, तो नवनियुक्त कर्मियों को भी समान रूप से सभी वार्डों में आवंटित किया जाए।
दी गई आंदोलन की चेतावनी
पत्र के अंत में पार्षद अभिषेक पंत ने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि शीघ्र ही बोर्ड बैठक के सर्वसम्मत निर्णय का पालन करते हुए वर्तमान कर्मचारियों का सभी 100 वार्डों में समान आवंटन नहीं कराया गया, तो कड़ा रुख अपनाया जाएगा। जनहित और बोर्ड की गरिमा की रक्षा के लिए इस निर्णय का समर्थन करने वाले सभी पार्षद लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण विरोध और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस स्थिति में संपूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की ही होगी।
