- 31 जुलाई को दर्ज हुई थी शिकायत, पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा
- पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला है आरोपी, वारदात के बाद भाग जाता था हरिद्वार

देहरादून
देहरादून की थाना रायपुर पुलिस ने वाहन चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के 11 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। आरोपी अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए सुनसान जगहों से गाड़ियां चुराता था और उन्हें जंगल में छिपा देता था।
80 सीसीटीवी खंगाले, पेट्रोल पंप के पास से पकड़ा गया
मामला 31 जुलाई 2026 का है, जब अजय कुमार और अनिल कुमार ने रायपुर थाने में अपनी स्कूटी चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के करीब 80 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान हुई। 1 अगस्त 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने महाराणा प्रताप चौक के पास पेट्रोल पंप से आरोपी राकेश डबराल को चोरी की स्कूटी के साथ गिरफ्तार कर लिया।
निशानदेही पर जंगल से मिलीं 10 और गाड़ियां
कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने दून के अन्य इलाकों से भी गाड़ियां चुराने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में छिपाकर रखी गईं 10 और चोरी की गाड़ियां बरामद कीं। इस तरह कुल 11 दोपहिया वाहन पुलिस के हाथ लगे। जांच में सामने आया कि इनमें से दो वाहन नेहरू कॉलोनी और एक वाहन डालनवाला थाना क्षेत्र से चोरी हुआ था, जिनके मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
चोरी करने का तरीका: रेकी से लेकर बेचने का प्लान
- रेकी करना: आरोपी पहले सुनसान जगहों पर खड़े वाहनों की रेकी करता था और मौका मिलते ही उड़ा लेता था।
- जंगल में ठिकाना: पुलिस से बचने के लिए चोरी की गाड़ियों को तुरंत शहर के पास के जंगलों में छिपा देता था।
- फरार होना: गाड़ी छिपाने के बाद आरोपी चुपचाप हरिद्वार (कनखल) स्थित अपने ठिकाने पर लौट जाता था।
- आगे का प्लान: आरोपी इन वाहनों को राज्य से बाहर ले जाकर बेचने की योजना बना रहा था, लेकिन इससे पहले ही पकड़ा गया।
एसपी देहात ने क्या कहा?
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राकेश डबराल मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला है और फिलहाल कनखल (हरिद्वार) में रह रहा है। वह अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। अन्य बरामद वाहनों के मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है।
