
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार ने अभी से बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के विभिन्न बोर्डों, निगमों, प्राधिकरणों और आयोगों में नियुक्त दायित्वधारियों को अब चुनाव में बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दायित्वधारियों को जमीनी स्तर पर उतरकर काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दायित्वधारियों के साथ राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दायित्वधारी सरकार और आम जनता के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने दायित्वधारियों से जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सीएम धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। दायित्वधारियों का यह मुख्य कर्तव्य है कि वे सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएं और जनता से मिलने वाले सुझावों व समस्याओं को शासन के संज्ञान में लाकर उनका प्राथमिकता से समाधान कराएं।”
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने संगठनात्मक विषयों पर बात करते हुए कहा कि पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सभी दायित्वधारियों की अलग-अलग मंडलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रत्येक दायित्वधारी को एक-एक संगठनात्मक मंडल सौंपा जाएगा।
उन्होंने दायित्वधारियों से सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सोशल मीडिया जनसंवाद का एक बड़ा माध्यम है। इसके जरिए केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में प्रदेश भर में आयोजित होने वाली ‘तिरंगा यात्रा’ और ‘रक्षाबंधन’ जैसे कार्यक्रमों में दायित्वधारियों की महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने विभिन्न आयोगों, निगमों, बोर्डों और प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य व सलाहकार के रूप में 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को दायित्व सौंपे हैं।
भाजपा संगठन की नई रणनीति के तहत अब ये दायित्वधारी सिर्फ कार्यालयों या बैठकों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि मैदान में उतरकर धरातल पर काम करेंगे। संगठन के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर ये दायित्वधारी आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
