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देहरादून पैनेसिया अस्पताल अग्निकांड: प्रबंधन पर घोर लापरवाही का मुकदमा दर्ज; बुजुर्ग महिला की मौत के बाद परिजनों के गंभीर आरोप

देहरादून। राजधानी देहरादून के रिस्पना पुल के पास स्थित पैनेसिया अस्पताल में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद पुलिस ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. इस हादसे में आईसीयू (ICU) में भर्ती एक 55 वर्षीय महिला मरीज की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई थी. मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है.

खबर की मुख्य बातें:

  • अस्पताल पर केस: नेहरू कॉलोनी थाने में पीड़ित परिवार की तहरीर पर पैनेसिया अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज.
  • सुरक्षा पर सवाल: परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम और प्रशिक्षित स्टाफ नहीं था.
  • दलाली नेटवर्क की जांच की मांग: पीड़ित परिवार ने एम्बुलेंस कर्मियों और अस्पतालों के बीच कथित कमीशन के ‘रिफरल खेल’ की जांच की मांग की है.
  • एसी ब्लास्ट से भड़की थी आग: शुरुआती जांच के अनुसार, आईसीयू में लगे एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट से विस्फोट होने के बाद आग फैली थी.

अस्पताल के आईसीयू में अचानक भड़की थी आग

देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत रिस्पना पुल के समीप स्थित पैनेसिया अस्पताल में 20 मई की सुबह करीब 09:30 बजे अचानक आग लग गई थी. आग की शुरुआत आईसीयू वार्ड से हुई, जिसका कारण एसी में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. इस हादसे में कांवली गांव (जीएमएस रोड) निवासी 55 वर्षीय महिला वीरवती गंभीर रूप से झुलस गईं, जिन्हें आनन-फानन में दूसरे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया[.

‘बेड नहीं है’ कहकर सरकारी अस्पताल से मोड़ा, 10 घंटे में वसूले ₹50 हजार

मृतक महिला के बेटे सन्नी पाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी मां को 19 मई की सुबह चक्कर आने पर वे सबसे पहले सरकारी दून अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन वहां बेड खाली न होने की बात कहकर उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया गया. आरोप है कि इसके बाद कुछ एम्बुलेंस कर्मियों और बिचौलियों ने उन पर पैनेसिया अस्पताल में भर्ती कराने का दबाव बनाया. परिजनों के अनुसार, अस्पताल में मात्र 10 घंटे के इलाज और जांच के नाम पर उनसे करीब 50 हजार रुपये वसूल लिए गए.

न तो फायर सिस्टम चला, न दिखा प्रशिक्षित स्टाफ

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पैनेसिया अस्पताल में आग से निपटने के लिए न तो अग्निशमन यंत्र ठीक से काम कर रहे थे और न ही आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल के पास कोई प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद था. परिजनों ने मांग की है कि मरीजों को जबरन निजी अस्पतालों में भेजने वाले एम्बुलेंस नेटवर्क और इस पूरी लापरवाही के जिम्मेदार अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए.

पुलिस कर रही है मामले की जांच

नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल की फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है.

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