- स्कूल खुलने और बारिश से खराब सड़कों के कारण यातायात पुलिस का बड़ा फैसला
- शहर की सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात; एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को मिलेगी प्राथमिकता

देहरादून: कांवड़ यात्रा के दौरान देहरादून शहर को भीषण जाम से बचाने के लिए यातायात पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। शहर के भीतर कांवड़ यात्रियों के वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पांवटा साहिब और दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को शहर की सीमाओं से ही डायवर्ट या यू-टर्न कराकर वापस भेजा जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
- स्कूल खुल चुके हैं: छुट्टियों के बाद स्कूल खुल जाने से दोपहर में छुट्टी के वक्त शहर की सड़कों पर अचानक ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है।
- सड़कों की खराब हालत: बारिश के कारण देहरादून की कई मुख्य सड़कों में गड्ढे और जलभराव की समस्या है, जिससे पहले से ही गाड़ियां रेंग रही हैं।
- जाम का डर: ऐसे में अगर कांवड़ यात्रियों के वाहन शहर में प्रवेश करते, तो पूरा देहरादून शहर भीषण जाम की चपेट में आ सकता था।
जानिए, कहां से कैसे डायवर्ट होंगे वाहन?
- पांवटा साहिब मार्ग: इस रास्ते से आने वाले कांवड़ वाहनों को धर्मावाला से ही वैकल्पिक मार्गों पर भेज दिया जाएगा।
- दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे: इस रूट से आने वाले वाहनों को शहर की सीमा में घुसने से पहले ही यू-टर्न कराकर वापस मोड़ने की तैयारी है।
- दिशा-सूचक (साइन बोर्ड): कांवड़ यात्रियों को रास्ते की जानकारी देने के लिए निर्धारित रूटों पर जगह-जगह साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।
सीमाओं पर सख्त पहरा, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
शहर के प्रमुख चौराहों, चेक पोस्टों और देहरादून की सीमाओं पर स्थित पुलिस चौकियों व बैरियरों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी हर आने-जाने वाले कांवड़ वाहन की निगरानी करेंगे। ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर इस पूरे प्लान को लागू कराया जाएगा।
‘आम जनता और स्कूली बच्चों को न हो परेशानी’“इस ट्रैफिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुचारु रूप से संपन्न कराना है। साथ ही आम नागरिकों, स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर के कर्मचारियों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए वाहनों को सीमाओं पर ही रोकने का प्लान तैयार किया गया है।”— जितेंद्र चौधरी, एसपी ट्रैफिक (देहरादून)
