देहरादून। दूनवासियों और दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अब बेहद करीब है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल के पहले सप्ताह में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण करने उत्तराखंड आ सकते हैं। हालांकि, अभी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि होना बाकी है, लेकिन शासन और एनएचएआई (NHAI) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
छह हेलिपैड का निर्माण और सौंदर्यीकरण
प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए एक्सप्रेसवे के किनारे युद्धस्तर पर काम चल रहा है। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से एक्सप्रेसवे के पास कुल छह हेलिपैड तैयार किए जा रहे हैं।
एलिवेटेड रोड पर सफर और डाट काली मंदिर के दर्शन की संभावना
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन के दौरान एक्सप्रेसवे की सबसे खास ‘एलिवेटेड रोड’ पर कार से सफर कर सकते हैं। मोहंड क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई यह एलिवेटेड रोड इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है। इसके साथ ही चर्चा है कि प्रधानमंत्री प्रसिद्ध माँ डाट काली मंदिर में मत्था टेककर आशीर्वाद भी ले सकते हैं।
देहरादून में बड़ी जनसभा की तैयारी
उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी और प्रशासन एक बड़ी जनसभा की योजना भी बना रहे हैं। प्रधानमंत्री की इस रैली के लिए देहरादून में उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही है। एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उद्घाटन से जुड़ी सभी तकनीकी और सौंदर्यीकरण संबंधी औपचारिकताएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं।
क्या है एक्सप्रेसवे की खासियत?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दोनो शहरों के बीच की दूरी महज 2.5 से 3 घंटे में सिमट जाएगी। यह एक्सप्रेसवे न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के लिए भी ‘लाइफलाइन’ साबित होगा।
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