गंगोत्री धाम (उत्तरकाशी): उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले गंगोत्री मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। शनिवार को हुई वार्षिक बैठक में दर्शन के समय में बदलाव के साथ-साथ मंदिर परिसर के भीतर डिजिटल गतिविधियों पर भी सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया है।
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने जानकारी दी कि अब श्रद्धालु मुख्य मंदिर में शाम 4:00 बजे तक ही दर्शन कर पाएंगे। इसके बाद शाम 7:45 बजे तक मंदिर के कपाट गंगा जी के शयनकाल के लिए बंद रहेंगे।
समिति ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगा दी है। यह नियम केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि तीर्थ पुरोहितों और कर्मचारियों के लिए भी अनिवार्य होगा। अब कोई भी व्यक्ति मंदिर के भीतर से ‘लाइव दर्शन’ नहीं करवा सकेगा। समिति का मानना है कि इससे मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा बनी रहेगी।
मीडिया प्रभारी सतेंद्र सेमवाल ने बताया कि दर्शन के समय में यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि यात्री धाम में अधिक समय रुक सकें। इस अंतराल के दौरान यात्री गंगा घाटों पर पूजा-अर्चना कर सकेंगे, अन्य मंदिरों के दर्शन करेंगे और शाम 7:00 बजे घाट पर होने वाली भव्य आरती का आनंद ले सकेंगे।
इस वर्ष गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल की दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर पूरे विधि-विधान के साथ खुलेंगे, जिसके साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो जाएगा।
बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल, सुरेश सेमवाल, सतीश सेमवाल, अभिषेक सेमवाल, सतेंद्र सेमवाल और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
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