Web Stories

भगवान ने खुद भेजा महाप्रसाद 🙏

श्री माधवदासजी एक प्रसिद्ध वैष्णव संत थे, जिनका सम्पूर्ण जीवन भगवान श्रीजगन्नाथ की भक्ति में समर्पित था। जब उनकी पत्नी का निधन हुआ, तब उन्होंने इस नश्वर संसार से वैराग्य ले लिया। सांसारिक बंधनों को त्याग, वे प्रभु की शरण में चले गए और सीधे जगन्नाथपुरी की ओर प्रस्थान कर गए।

पुरी पहुँचकर वे समुद्र तट के एकांत कोने में बैठ गए और गहरी ध्यानस्थ अवस्था में लीन हो गए। न उन्हें अन्न-जल की चिंता रही, न तन की सुध; उनके मन-मंदिर में केवल श्रीहरि का ही वास रह गया। कई दिन ऐसे ही बिना भोजन के बीत गए। प्रभु के ऐसे प्रेमी की यह दशा देखकर भक्तवत्सल भगवान श्रीजगन्नाथ विचलित हो उठे।

उन्होंने अपनी अर्धांगिनी, देवी लक्ष्मी को आदेश दिया—”हे देवी, मेरे प्रिय भक्त माधवदास के लिए महाप्रसाद से भरा एक स्वर्ण थाल लेकर जाओ और उनके सामने रख आओ।” आज्ञा शिरोधार्य कर लक्ष्मीजी ने स्वादिष्ट पकवानों से सजा एक सुंदर स्वर्ण थाल तैयार किया और मौन भाव से ध्यानमग्न माधवदासजी के पास जाकर रख आईं।

कुछ समय पश्चात जब माधवदासजी ने नेत्र खोले, तो उनके सामने प्रभु की कृपा मूर्तिमान होकर थाल में विराज रही थी। उस दृश्य को देखकर उनके नेत्र सजल हो उठे। उन्होंने प्रेमपूर्वक भोग स्वीकार किया, प्रभु को धन्यवाद अर्पित किया, और फिर थाल को एक ओर रखकर पुनः ध्यान में लीन हो गए।

उधर अगली सुबह जब मंदिर के पट खुले, तो पुजारियों ने देखा कि भगवान का एक स्वर्ण थाल गायब है। हड़कंप मच गया, और पूरे नगर में खोजबीन शुरू हो गई। अंततः वह थाल माधवदासजी के पास पाया गया। बिना कुछ सोचे-समझे पुजारीगण उन्हें चोर समझ बैठे और निर्दयतापूर्वक उन्हें पीटकर सड़क किनारे छोड़ दिया।

परंतु भगवान अपने भक्त का अपमान सहन नहीं कर सकते। उसी रात भगवान जगन्नाथ पुजारियों के स्वप्न में प्रकट हुए। उनका स्वर क्रोधित था—”माधव की पीड़ा मेरी पीड़ा है। उनके ऊपर उठे प्रत्येक चाबुक मेरे शरीर पर पड़े हैं। यदि तुमने जाकर क्षमा न मांगी, तो विनाश निश्चित है।”

स्वप्न से जागते ही पुजारी भयभीत हो उठे। वे भागे-भागे माधवदासजी के पास पहुँचे, उनके चरणों में गिर पड़े और क्षमा याचना की। माधवदासजी, जिनका हृदय नवनीत-सा कोमल था, उन्होंने उन्हें तत्काल क्षमा कर दिया और प्रेमपूर्वक आशीर्वाद भी दिया।

Tv10 India

Recent Posts

बदरीनाथ धाम को हाईटेक अस्पताल की सौगात, अक्तूबर में पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…

11 hours ago

उत्तराखंड: रिवर्स पलायन को गति देने के लिए हर जिले में होंगी प्रवासी पंचायतें, सीएम धामी ने दिए निर्देश

गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…

11 hours ago

सीएम धामी का बड़ा ऐलान: देहरादून के ’13 गांव’ में बनेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र; स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…

15 hours ago

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ‘चौपाल-2026’ का आयोजन; टिहरी और चमोली में प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…

17 hours ago

हाईकोर्ट शिफ्टिंग विवाद: नैनीताल से हल्द्वानी ट्रांसफर पर सुनवाई पूरी, खंडपीठ ने सुरक्षित रखा फैसला

नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…

17 hours ago

IIT रुड़की और GB पंत संस्थान की चेतावनी: जलवायु परिवर्तन से कोसी नदी पर गहराया खतरा, तेजी से गिरेगा भूजल

रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…

2 days ago