
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार, 13 जून को 158वीं पासिंग आउट परेड (POP) गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर कुल 515 जेंटलमैन कैडेट पास आउट होकर सेना में अधिकारी बने हैं। इनमें भारतीय सेना को 481 नए सैन्य अधिकारी मिले हैं, जबकि भारत के 16 मित्र देशों के 34 जेंटलमैन कैडेट भी पास आउट हुए। इस बार की परेड कई मायनों में ऐतिहासिक रही, क्योंकि पहली बार आईएमए से 9 महिला कैडेट्स भी पास आउट होकर सैन्य अधिकारी बनी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की समीक्षा की और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जांबाजों को सम्मानित किया।
परेड की मुख्य बातें:
- कुल सैन्य अधिकारी: 515 कैडेट्स पास आउट हुए (481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट)।
- ऐतिहासिक शुरुआत: आईएमए के इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट्स भी मुख्य धारा में पास आउट होकर सैन्य अधिकारी बनी हैं।
- मुख्य अतिथि: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विशेष घोड़ा बग्गी (पटियाला कोच) में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया।
- विशिष्ट अतिथि: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस गौरवमयी क्षण के साक्षी बने।
परेड का घटनाक्रम: सुबह से लेकर ‘अंतिम पग’ तक

शनिवार सुबह करीब 6:45 बजे परेड की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले कंपनी सार्जेंट मेजर चैटवुड बिल्डिंग के परिसर में पहुंचे, जिसके बाद सभी कैडेट्स ने चैटवुड ग्राउंड पर अपनी पोजीशन संभाली। इसके पश्चात भारतीय सैन्य अकादमी का निशान (झंडा) परेड स्थल पर लाया गया, जिसे खड़े होकर पूरे सम्मान के साथ सलामी दी गई।
अतिथि सैन्य अधिकारियों का आगमन:
परेड स्थल पर पहुंचे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का औपचारिक स्वागत किया गया। सैन्य अतिथियों में सबसे पहले मेजर जनरल सचिन मलिक का स्वागत हुआ। उनके बाद लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह और फिर लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा का परेड ने अभिनंदन किया।
राष्ट्रपति और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति:
सुबह करीब 7:15 बजे उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड स्थल पर पहुंचे। इसके ठीक बाद सुबह 7:30 बजे मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन हुआ। राष्ट्रपति ने पारंपरिक ‘पटियाला कोच’ बग्गी से परेड की समीक्षा की, जिसके बाद भव्य कदमताल की शुरुआत हुई।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ऑफिसर कैडेट्स

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड का निरीक्षण करने के बाद प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को पुरस्कार प्रदान किए:
- स्वॉर्ड ऑफ ऑनर एवं स्वर्ण पदक (Gold Medal): विशाल कुमार (उन्हें ‘बेस्ट अमंग ऑफिसर कैडेट्स’ के लिए स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और REG कोर्स में टॉप करने पर गोल्ड मेडल मिला)।
- रजत पदक (Silver Medal): प्रिंस राज (REG कोर्स में दूसरा स्थान)।
- कांस्य पदक (Bronze Medal): तेजस भट्ट (REG कोर्स में तीसरा स्थान)।
- रजत पदक (TGC): हृषभ मिश्रा (टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में प्रथम स्थान)।
- रजत पदक (TES): करण पांडेय (टीईएस कोर्स में प्रथम स्थान)।
- रजत पदक (SCO): बोधराज थापा (स्पेशल कमीशन ऑफिसर कोर्स)।
- सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट: जैफ सादिद अल्वी (बांग्लादेश)।
- चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर: इंफाल कंपनी।
‘अंतिम पग’ और पीपिंग सेरेमनी की शुरुआत
राष्ट्रपति के संबोधन के बाद पास आउट होने वाले सभी जांबाजों ने चैटवुड हॉल के मुख्य द्वार पर बने ‘अंतिम पग’ को पार किया। इस अंतिम पग को भरते ही कैडेट्स ने भारतीय सेना में आधिकारिक तौर पर पहला कदम रखा और देश के सैन्य अधिकारी बन गए। इस भावुक और गौरवशाली क्षण के दौरान आसमान से सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा नए अधिकारियों पर फूलों की वर्षा की गई। इसके तुरंत बाद पीपिंग सेरेमनी की शुरुआत हुई, जिसमें देश के कोने-कोने से आए परिजनों ने अपने लाडलों के कंधों पर देश की रक्षा के चमकते सितारे सजाए।
