नई दिल्ली: भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति, श्री जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे अपने पत्र में, उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने के अपने निर्णय के बारे में बताया ताकि वे अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे सकें और चिकित्सकीय सलाह का पालन कर सकें।
अपने कार्यकाल के दौरान, श्री धनखड़ ने भारतीय राजनीति और संसदीय प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राज्यसभा के सभापति के रूप में, उन्होंने सदन में स्वस्थ और सार्थक बहस को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने राजनीतिक दलों से आपसी सम्मान और सौहार्द बनाए रखने की अपील की, ताकि लोकतंत्र में संवाद और विचार-विमर्श की भावना मजबूत हो सके। श्री धनखड़ ने अक्सर इस बात पर जोर दिया कि आंतरिक कलह से देश के दुश्मनों को बल मिलता है और हमें बांटने का मौका मिलता है।
उनके कार्यकाल की एक उल्लेखनीय पहल राज्यसभा के उप-सभापति पैनल में महिला सदस्यों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाना था, जो संसदीय कार्यवाही में महिलाओं की बेहतर भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोकतंत्र में संवाद और चर्चा ही आगे बढ़ने का रास्ता है, टकराव नहीं।
अपने इस्तीफे में, श्री धनखड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत की उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति और अभूतपूर्व विकास के इस परिवर्तनकारी युग में सेवा करने का सौभाग्य और संतोष मिला। उन्होंने सांसदों से मिले स्नेह और विश्वास को भी याद किया और कहा कि यह उनकी स्मृति में हमेशा अंकित रहेगा।
श्री धनखड़ ने अगस्त 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले, वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, और उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी और राजनीतिक करियर रहा है। उन्हें “किसान पुत्र” के रूप में भी जाना जाता है और उन्होंने किसानों से संबंधित मुद्दों की हमेशा वकालत की है।
श्री धनखड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद पर भी जोर दिया। उन्होंने अक्सर देश की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को पुनर्जीवित करने और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…
गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…
टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…
नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…
रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…