भारत की दृष्टि: भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर आगामी 23 मार्च से 5 दिनों की विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, जिसमें वे सिंगापुर, फिलीपीन और मलेशिया का दौरा करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करना और ‘आपसी चिंता’ के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, डॉ. जयशंकर इन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों के निमंत्रण पर यह यात्रा कर रहे हैं। इस दौरान वे दक्षिण चीन सागर और लाल सागर सहित रणनीतिक जलीय क्षेत्र की समग्र स्थिति पर चर्चा करने की उम्मीद है। दक्षिण चीन सागर को लेकर चिंता यह है कि हाइड्रोकॉर्बन के विशाल स्रोत माने जाने वाले इस क्षेत्र पर संप्रभुता के चीन के व्यापक दावों को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं।
भारत और फिलीपीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा तथा रणनीतिक संबंध बढ़े हैं, और इस यात्रा से इन संबंधों को और अधिक बल मिलने की संभावना है। इस यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर विभिन्न द्विपक्षीय बैठकों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिससे भारत की विदेश नीति को नई दिशा मिल सकती है।
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