रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। यात्रा की तैयारियों के बीच बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने इस बार केदारनाथ धाम के लिए दर्शन व्यवस्था और अनुशासन को लेकर कड़े फैसले लिए हैं। नए नियमों के तहत अब केदारनाथ में वीआईपी (VIP) दर्शन की सुविधा को सीमित कर दिया गया है और मंदिर परिसर में डिजिटल गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
मंदिर समिति ने इस बार वीआईपी दर्शन की व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया है। अब केवल उन्हीं व्यक्तियों को वीआईपी दर्शन की अनुमति मिलेगी जो ‘सरकारी प्रोटोकॉल’ के दायरे में आते हैं। अन्य सभी विशिष्ट व्यक्तियों या रसूखदारों को आम श्रद्धालुओं की तरह सामान्य लाइन में लगकर ही बाबा केदार के दर्शन करने होंगे। यह निर्णय तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं की ओर से लंबे समय से की जा रही शिकायतों के बाद लिया गया है, ताकि दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और आम भक्तों को भेदभाव का अहसास न हो।
केदारनाथ मंदिर की गरिमा और धार्मिक वातावरण को बनाए रखने के लिए इस साल मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन ले जाने, फोटो खींचने, वीडियो बनाने और ब्लॉगिंग करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने और रील बनाने के कारण मंदिर की मर्यादा प्रभावित होती है और भीड़ नियंत्रण में भी समस्या आती है।
BKTC के उपाध्यक्ष विजय कप्रवान ने बताया कि नई व्यवस्था से यात्रा प्रबंधन में सुधार होगा और आम श्रद्धालुओं को घंटों लंबी कतारों से राहत मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति का लक्ष्य समानता सुनिश्चित करना और दर्शन को सुगम बनाना है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल से होने जा रहा है:
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रा मार्गों के 100 संवेदनशील ‘डेंजर जोन’ को चिह्नित किया है। इनके सुधार और मरम्मत के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। फिलहाल 80 से अधिक डेंजर जोन पर युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है ताकि यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग सुरक्षित हो सकें।
प्रशासन की इन सख्त तैयारियों और नए नियमों से उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार की चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए अधिक व्यवस्थित और सुखद साबित होगी।
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