
रुद्रप्रयाग:
देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च और चारधामों में प्रमुख भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब मात्र दो दिन का समय शेष रह गया है। जैसे-जैसे कपाट खुलने की तिथि नजदीक आ रही है, पूरी केदारपुरी भक्तिमय रंग में रंग गई है। बाबा केदार के स्वागत के लिए मंदिर परिसर को भव्य रूप दिया जा रहा है, जिसकी छटा देखते ही बन रही है।
51 क्विंटल फूलों से महक उठा मंदिर परिसर
केदारनाथ मंदिर को इस वर्ष बेहद खास और आकर्षक लुक दिया जा रहा है। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के देखरेख में मंदिर की सजावट का काम युद्धस्तर पर जारी है। करीब 51 क्विंटल ताजे गेंदे के फूलों से पूरे मंदिर और आसपास के क्षेत्रों को सजाया जा रहा है। हिमालय की बर्फीली चोटियों के बीच फूलों से सजे मंदिर की खूबसूरती श्रद्धालुओं का मन मोह रही है।
बीकेटीसी सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया, “कपाट उद्घाटन की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। मंदिर को भव्य रूप दिया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को दिव्य और भव्य दर्शन का अनुभव मिल सके।”
गौरीकुंड पहुंची बाबा की डोली, 22 को होंगे प्रथम दर्शन
बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से हिमालय के लिए प्रस्थान कर चुकी है।
- 20 अप्रैल (आज): डोली अपने द्वितीय रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुंड पहुंचेगी।
- 21 अप्रैल (मंगलवार): डोली गौरीकुंड से प्रस्थान कर केदारनाथ धाम पहुंचेगी।
- 22 अप्रैल (बुधवार): सुबह ठीक 8:00 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ केदारनाथ मंदिर के कपाट सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
भक्तों का बढ़ता रेला, यात्रा को लेकर भारी उत्साह
अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 का विधिवत आगाज हो चुका है। अब सबकी नजरें केदारनाथ और बदरीनाथ (23 अप्रैल) पर टिकी हैं। केदारनाथ में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही इस बात का प्रमाण है कि इस बार यात्रा रिकॉर्ड तोड़ने वाली है।
प्रशासनिक स्तर पर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने आ रहे हजारों भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
