
मुख्य बातें (Highlights):
- पहाड़ों का आखिरी सोमवार: केदारनाथ धाम में सुबह से ही उमड़ी देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़.
- रिकॉर्ड आंकड़े: इस साल यात्रा में नया रिकॉर्ड, अब तक 14.45 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं बाबा केदार के दर्शन.
- प्रशासन अलर्ट: बारिश और खराब मौसम को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पुलिस व एसडीआरएफ की टीमें तैनात.
रुद्रप्रयाग
सावन माह के आखिरी सोमवार (पहाड़ों में अंतिम सोमवार) पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. देश के कोने-कोने से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने बाबा केदार के दर्शन कर जलाभिषेक किया. सुबह से ही केदारपुरी और यात्रा मार्ग ‘बम-बम भोले’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोष से गुंजायमान नजर आया.
बारिश भी नहीं रोक सकी शिवभक्तों के कदम
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बदलते मौसम और बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी. कठिन पैदल यात्रा पूरी कर कांवड़िए गंगाजल लेकर धाम पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया. बारिश की फुहारों के बीच घंटों कतार में खड़े रहकर भी श्रद्धालु भक्ति भाव में लीन नजर आए.
अब तक 14.45 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
केदारनाथ धाम की यात्रा इस साल नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक 14,45,946 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. सावन के अंतिम सोमवार को उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर बाबा के प्रति देशवासियों की अटूट आस्था को साबित किया है. यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से केदारघाटी के स्थानीय व्यवसायियों में भी उत्साह है.
सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर
मौसम के मिजाज को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है. केदारनाथ यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर सीसीटीवी व पुलिस टीमों के जरिए निगरानी रखी जा रही है. संवेदनशील भूस्खलन वाले स्थानों पर राहत-बचाव टीमों को तैनात किया गया है.
सुविधाओं पर विशेष फोकस, यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी
प्रशासन ने केदारनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य और स्वच्छता के व्यापक प्रबंध किए हैं. इसके साथ ही खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं, अनावश्यक जोखिम न उठाएं और यात्रा मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें.
