UTTARAKHAND

केदारनाथ मंदिर के चारों तरफ लगेगी 7 फीट ऊंची बैरिकेडिंग: रील बनाने वालों पर कसेगा शिकंजा

खबर की मुख्य बातें:

  • ऊंचाई: बैरिकेड्स की ऊंचाई करीब 7 फीट होगी।
  • मकसद: सुरक्षा, सुगम दर्शन और रील बनाने पर रोक।
  • वर्तमान स्थिति: रील बनाना प्रतिबंधित है, लेकिन सख्ती बढ़ाने की जरूरत।
  • प्रस्ताव: आयुक्त की मंजूरी का इंतजार।

रुद्रप्रयाग/देहरादून | बाबा केदार के दरबार में अब रील बनाने वालों और बेवजह घूमने वाले लोगों की खैर नहीं होगी। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने मंदिर परिसर की मर्यादा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत मंदिर के चारों ओर करीब 7 फीट ऊंची बैरिकेडिंग लगाने की योजना है।

प्रस्ताव तैयार, मंजूरी मिलते ही काम शुरू

BKTC ने इस संबंध में गढ़वाल आयुक्त (Garhwal Commissioner) को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया है। समिति का कहना है कि जैसे ही प्रशासन से हरी झंडी मिलेगी, बैरिकेड्स लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

क्यों पड़ी बैरिकेडिंग की जरूरत? (3 मुख्य कारण)

  1. रील और वीडियो पर लगाम: मंदिर परिसर में रील बनाने पर पहले से ही प्रतिबंध है, लेकिन चोरी-छिपे लोग अब भी ऐसा कर रहे हैं। बैरिकेडिंग से मंदिर के मुख्य हिस्से को व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे अनावश्यक वीडियोग्राफी पर नियंत्रण लगेगा।
  2. धार्मिक गरिमा: मंदिर परिसर में लोग दर्शन के बजाय घूमने-फिरने के उद्देश्य से ज्यादा समय बिता रहे हैं। इससे तीर्थस्थल की गरिमा और शांति प्रभावित होती है।
  3. भीड़ नियंत्रण (Crowd Management): बैरिकेडिंग के जरिए श्रद्धालुओं के लिए एक निर्धारित प्रवेश और निकास मार्ग (Entry/Exit Path) बनाया जाएगा, ताकि धक्का-मुक्की न हो।

क्षमता से ज्यादा पहुंच रहे श्रद्धालु

जानकारों के मुताबिक, केदारनाथ धाम की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से प्रतिदिन 15 हजार श्रद्धालुओं का आंकड़ा व्यवस्थाओं के लिए अनुकूल है। लेकिन वर्तमान में संख्या बढ़ने से आवास, भोजन और दर्शन की कतारों को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

रील संस्कृति से बढ़ रहा दबाव

केदारनाथ में पिछले कुछ वर्षों में ‘रील कल्चर’ तेजी से बढ़ा है। लोग गर्भगृह के आसपास खड़े होकर वीडियो बनाते हैं, जिससे दर्शन की कतार धीमी हो जाती है। 7 फीट ऊंची बैरिकेडिंग से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि श्रद्धालु केवल दर्शन पर ही ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

अधिकारी का बयान

“मंदिर परिसर के चारों ओर बैरिकेड्स लगाने का प्रस्ताव गढ़वाल आयुक्त को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू होगा। इससे अनावश्यक घूमने वालों और रील बनाने वालों पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।”— राजन नैथानी, मुख्य प्रभारी अधिकारी, केदारनाथ

Tv10 India

Recent Posts

गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर: 11 मई से शुरू होगा पेराई सत्र 2026-27 का सर्वे

टीवी 10 इंडिया मीडिया नेटवर्कदेहरादून। प्रदेश में गन्ना खेती और चीनी उद्योग को मजबूती देने…

6 hours ago

सोनप्रयाग में रिकॉर्डतोड़ भीड़: 7 किलोमीटर तक रेंगती कतारें, फिर भी जोश हाई; चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, ऐसे हो रहा है क्राउड मैनेजमेंट

रुद्रप्रयाग | भगवान शिव के 11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में इन दिनों आस्था का सैलाब उमड़…

6 hours ago

पहाड़ों में नेटवर्क की टेंशन खत्म: ‘नो सिग्नल’ जोन में भी काम करेंगे फोन; स्टारलिंक सैटेलाइट से लैस होने वाली पहली फोर्स बनेगी उत्तराखंड SDRF

देहरादून/जौलीग्रांट | उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अब इंटरनेट की 'डेड जोन'…

6 hours ago

स्पेस सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग: दुनिया का पहला ‘ऑप्टोसार’ सैटेलाइट लॉन्च; PM मोदी बोले- हमारे युवाओं के जुनून का प्रमाण

बंगलूरू/कैलिफोर्निया | भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप 'गैलेक्सआई' (GalaxEye) ने रविवार को इतिहास रच दिया है। कंपनी के…

7 hours ago

23 मई से शुरू होगी हेमकुंड साहिब की यात्रा: सेना के जवानों ने बर्फ हटाकर खोला रास्ता, गुरुद्वारे में की अरदास

चमोली (उत्तराखंड): सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू होने से पहले एक…

7 hours ago

मसूरी की वादियों में लौटीं दिग्गज अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी: बचपन की यादें कीं ताजा, पलायन को रोकने के लिए की भावुक अपील

मसूरी: बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री और रंगमंच का प्रतिष्ठित चेहरा हिमानी शिवपुरी शनिवार को अपने पैतृक…

8 hours ago