रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा आगामी 22 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। इस यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। शनिवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यात्रा तैयारियों का ‘रोडमैप’ तैयार किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क सुधार के लिए 15 मार्च की डेडलाइन
बैठक में यात्रा मार्ग की सड़कों की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग को निर्देश दिए कि सिरोबगड़, बांसवाड़ा और जवाड़ी बायपास जैसे संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों (Sliding Zones) में उपचार कार्य तत्काल पूरे किए जाएं। सड़कों के किनारे नालियों का निर्माण, झाड़ियों की कटान और सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर व साइन बोर्ड लगाने का काम 15 मार्च तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
घोड़ा-खच्चर संचालकों के लिए ‘स्मार्ट कार्ड’ अनिवार्य
यात्रा के दौरान अव्यवस्था रोकने के लिए प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है। अब घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालन के लिए स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू की जाएगी। पैदल मार्ग पर तीन चेक पॉइंट बनाए जाएंगे, जहाँ केवल पंजीकृत घोड़ा-खच्चरों को ही प्रवेश मिलेगा। बिना पंजीकरण के संचालन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एलईडी स्क्रीन पर मिलेगा ‘लाइव’ अपडेट
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें जागरूक करने के लिए धाम में 4-5 स्थानों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। इन स्क्रीन्स पर:
हेली-एंबुलेंस और 15 अस्पताल संभालेंगे मोर्चा
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है। गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम तक कुल 15 अस्पताल संचालित किए जाएंगे। किसी भी आपात स्थिति या गंभीर मरीज को तुरंत रेस्क्यू करने के लिए हेलीकॉप्टर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। पैदल मार्ग पर पेयजल, रैन शेल्टर और नेटवर्क कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है।
जी-मैक्स प्रणाली से होगी मॉनिटरिंग
पूरी यात्रा की निगरानी जी-मैक्स (G-Max) प्रणाली के जरिए की जाएगी। इसमें सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस संबंधित अधिकारियों के पास होगा, जिससे वे कहीं से भी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की ‘रियल टाइम’ मॉनिटरिंग कर सकेंगे।
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने बताया कि यात्रा पड़ावों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे और बाहरी जिलों से आने वाली पुलिस फोर्स के रहने व सुरक्षा उपकरणों के लिए स्थायी स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं।
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