देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पहली बार अल्पसंख्यक समुदायों के पारंपरिक हुनर, हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय समागम होने जा रहा है। समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती देने के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ‘प्रधानमंत्री विकास योजना’ (PM VIKAS) के अंतर्गत आगामी 11 से 15 जुलाई तक परेड ग्राउंड में पांच दिवसीय उत्तरी क्षेत्रीय ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य मेले का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास करेंगे।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय स्तर का छठा आयोजन है। इससे पहले इसके पांच संस्करण दिल्ली के राजघाट, दिल्ली हाट (आईएनए), जम्मू-कश्मीर और केरल के कोच्चि में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। अब उत्तराखंड को पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा, “उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि हमें पहली बार उत्तरी क्षेत्रीय लोक संवर्धन पर्व की मेजबानी मिली है। इस मेले में देशभर के अल्पसंख्यक समाज के हुनरमंद भाग लेंगे, जिससे विभिन्न राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता की अनूठी झलक देखने को मिलेगी।”
मेले में कुल 160 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें से 130 स्टॉल शिल्पकारों के लिए और 30 स्टॉल देश के विभिन्न व्यंजनों (फूड कोर्ट) के लिए निर्धारित किए गए हैं। स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 40 फीसदी स्टॉल उत्तराखंड के स्थानीय कारीगरों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
केंद्रीय मंत्रालय के मानकों के अनुसार, स्टॉल आवंटन में निम्नलिखित को प्राथमिकता दी जाएगी:
शिल्पकारों को बिचौलियों से मुक्त कर उनके उत्पादों को सीधे बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से ‘बायर-सेलर मीट’ (Buyer-Seller Meet) और उद्यमियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्र के गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सके।
उत्तराखंड में सक्रिय मानसून और वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विशेष तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के प्रसिद्ध लोकपर्व ‘हरेला’ के दौरान आयोजित हो रहा यह मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। यहां देश के कोने-कोने से आए कारीगरों के हस्तशिल्प और स्वादिष्ट व्यंजनों के अलावा रोजाना शाम को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें देश के जाने-माने कलाकार अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक लोकगीत और नृत्यों की प्रस्तुतियां देकर भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे।
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