देहरादून, : उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और ‘उल्लास’ (Understanding Lifelong Learning for All in Society) – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित करने के प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही उत्तराखंड देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल बताया है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर करार दिया। सीएम धामी ने कहा कि यह सफलता सरकार के नीतिगत प्रयासों और जनता की सक्रिय भागीदारी का सुंदर परिणाम है, जो ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड ने उल्लास कार्यक्रम के सभी मानकों को न केवल पूरा किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक नई मिसाल भी पेश की है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के निर्देशन में कराए गए विस्तृत सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य में 7 वर्ष से अधिक आयु की कुल पात्र आबादी लगभग 1 करोड़ 23 लाख 46 हजार आंकी गई। केंद्रीय मानकों के तहत पूर्ण साक्षर राज्य घोषित होने के लिए निरक्षरों की संख्या 5 लाख 11 हजार 731 से कम होनी चाहिए थी, लेकिन उत्तराखंड के वास्तविक सर्वेक्षण में केवल 1 लाख 31 हजार 986 व्यक्ति (मात्र 1.3%) ही निरक्षर पाए गए। इसके आधार पर प्रदेश की प्रभावी साक्षरता दर 98.7% पहुंच गई।
केंद्र सरकार के ‘उल्लास’ कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के निरक्षर लोगों की बुनियादी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार, उल्लास अभियान की सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर हुआ योजनाबद्ध कार्य है। अभियान के तहत:
विद्यालयी शिक्षा सचिव रवीनाथ रमन और महानिदेशक आकांक्षा कोंडे ने भी इस सफलता का श्रेय प्रदेश के शिक्षकों, स्वयंसेवकों, स्थानीय निकायों और विभाग के अधिकारियों की कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बचे हुए निरक्षर लोगों को भी मुख्यधारा से जोड़कर आजीवन सीखने के अवसरों को और मजबूत किया जाएगा।
4,000 वर्ग किमी में फैले जोन में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का होगा कड़ाई से…
5800 कर्मचारियों की बढ़ी आर्थिक परेशानी; शासन में अटकी 4.5 करोड़ की प्रतिपूर्ति, यूनियन ने…
10 अगस्त को सैलाब में बह गया था मोटर पुल; NDRF, SDRF, सेना और पुलिस…
साल के 12 महीने करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही से नदियां-पहाड़ प्रदूषित; अस्थायी सफाई छोड़ अब…
पिछले साल के मुकाबले 5.22 लाख ज्यादा पहुंचे यात्री; बदरीनाथ में सबसे ज्यादा 16.54 लाख…
मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…