रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जिला मुख्यालय के समीप गंगानगर क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के बीचों-बीच काम कर रही एक जेसीबी मशीन अचानक बढ़े जलस्तर के कारण तेज बहाव में फंस गई। देखते ही देखते जेसीबी पर सवार चालक और उसका सहयोगी चारों तरफ से उफनती नदी के बीच घिर गए। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, बचाव टीमों की तत्परता से दोनों को सकुशल बचा लिया गया।
शनिवार को क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर पहले से बढ़ा हुआ था। इस बीच, सिंगोली-भटवाड़ी जल विद्युत परियोजना के कुंड बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलप्रवाह अचानक कई गुना बढ़ गया। जलस्तर में आई इस अप्रत्याशित वृद्धि के कारण नदी के मध्य कार्यरत जेसीबी मशीन तेज धारा की चपेट में आ गई। बहाव इतना तेज था कि चालक और उसके सहयोगी के लिए खुद से सुरक्षित बाहर निकल पाना पूरी तरह असंभव हो गया।
आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने जब नदी के बीच फंसे लोगों को देखा, तो तुरंत पुलिस और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी।
घटना की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग तुरंत सक्रिय हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF), जल पुलिस और नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की टीमों को आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर भेजा गया।
तेज बहाव और उफनती नदी की विषम व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने अत्यधिक साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। रेस्क्यू टीमों ने रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से सावधानीपूर्वक अभियान चलाया और नदी के बीच फंसे दोनों व्यक्तियों को सकुशल और सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई।
इस घटना के बाद जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मानसून के चलते जिले की सभी आपदा प्रबंधन और राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और यात्रियों के लिए सख्त हिदायत जारी की है:
“लगातार हो रही बारिश के कारण जिले की अधिकांश नदियों, गाड़-गदेरों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में नदी तटों और जलधाराओं के पास जाना खतरनाक साबित हो सकता है। हम आमजन, स्थानीय ग्रामीणों, निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों और तीर्थयात्रियों से अपील करते हैं कि वे नदी के बीचों-बीच, किनारों या उफनते नालों के समीप जाने से बचें”
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष या जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सूचित करें ताकि बिना किसी देरी के राहत कार्य शुरू किया जा सके।
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