नेपीडॉ/बैंकॉक: भारत के पड़ोसी देश म्यांमार और थाईलैंड में आए भीषण भूकंप से भारी तबाही मची है। रिक्टर स्केल पर 7.7 तीव्रता वाले इस शक्तिशाली भूकंप ने म्यांमार और थाईलैंड के कई इलाकों को हिला कर रख दिया। अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1600 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
भूकंप का सबसे बड़ा असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में देखा गया, जहां एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत झटकों से भरभराकर गिर गई। इस हादसे में 40 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में धूल के गुबार के बीच इमारत को गिरते हुए देखा जा सकता है, जबकि वहां मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते हुए भाग रहे हैं।
बचाव कर्मी मौके पर पहुंच गए हैं और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए क्रेनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। चश्मदीदों के अनुसार, भूकंप इतना तेज था कि इमारतें झूलने लगीं और लोग दहशत में बाहर भागने लगे।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और जर्मनी के जीएफजेड (GFZ) भूविज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप दोपहर करीब 1:30 बजे आया। इसका केंद्र म्यांमार में था और यह 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया।
म्यांमार में नुकसान की सही जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन भूकंप के झटकों से इमारतों को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कई पुलों और सड़कों में दरारें आ गई हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है।
ग्रेटर बैंकॉक क्षेत्र की 1.70 करोड़ से अधिक आबादी भूकंप के झटकों से दहशत में आ गई। घनी आबादी वाले इलाकों में अलार्म बजने लगे और ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग अपार्टमेंट और होटल से बाहर निकलने लगे।
एक चश्मदीद के अनुसार, कुछ ऊंची इमारतों के अंदर बने स्विमिंग पूल में पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे साफ जाहिर होता है कि झटके कितने जबरदस्त थे।
बैंकॉक के चटुचक मार्केट के पास पुलिस और बचाव दल राहत कार्य में जुटे हुए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं सक्रिय कर दी गई हैं और डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में लगी हुई है।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए थाईलैंड और म्यांमार की सरकार ने सेना और राहत एजेंसियों को तैनात किया है। बचाव कार्यों में ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है ताकि मलबे में दबे लोगों का पता लगाया जा सके।
थाईलैंड और म्यांमार की सरकार ने आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें।
भूकंप के बाद लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से ऊंची इमारतों और क्षतिग्रस्त ढांचों से दूर रहने की अपील की है।
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