WORLD

नेपाल-चीन सीमा पर भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 270 शव बरामद; 288 भारतीयों समेत 1,500 लोग लापता

काठमांडू: नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रासुवागढ़ी क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से भीषण तबाही मची है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 270 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया तेजी से जारी है।

अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी कि नेपाल और तिब्बत (चीन) दोनों क्षेत्रों को मिलाकर लगभग 1,500 लोग लापता हैं, जिनमें कम से कम 800 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बाढ़ के चलते कई प्रमुख संपर्क मार्ग पूरी तरह कट गए हैं, जिसके कारण हजारों लोग दुर्गम इलाकों में फंसे हुए हैं।

बुधवार को आई इस भीषण आपदा के बाद नेपाल में बड़े पैमाने पर बचाव कार्य शुरू किया गया है। बचाव दल फंसे हुए लोगों की तलाश और उन तक आवश्यक खाद्य सामग्री व दवाइयां पहुंचाने के लिए लगातार हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह आपदा तिब्बत के ल्हासा को काठमांडू से जोड़ने वाले बीहड़ और पहाड़ी क्षेत्र में आई है, जो ट्रेकर्स, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय मार्ग है।

पुलिस प्रवक्ता एबी नारायण काफ्ले ने बताया, “तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया है। आशंका है कि मलबे और दुर्गम इलाकों से और शव मिल सकते हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है।”

पुलिस और पर्यटन विभाग के अनुसार, अकेले नेपाल क्षेत्र से लापता 826 लोगों में से लगभग 600 विदेशी नागरिक हैं।

लापता विदेशियों में 288 भारतीय नागरिक भी शामिल

बाढ़ के बाद लापता हुए विदेशी नागरिक दो दर्जन से अधिक देशों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है:

  • भारत: 288 नागरिक
  • अमेरिका: 63 नागरिक
  • ऑस्ट्रेलिया: 34 नागरिक
  • ब्रिटेन: 33 नागरिक
  • कनाडा: 25 नागरिक

तिब्बत (चीन) सीमा पर भी व्यापक नुकसान

चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर ‘सीसीटीवी’ (CCTV) की रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी इस आपदा का गंभीर असर पड़ा है। वहाँ से 558 लोग लापता बताए गए हैं, जिनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। दोनों देशों की सीमा पर राहत एवं तलाशी अभियान लगातार जारी है।


Tv10 India

Recent Posts

पहाड़ में दौड़ेगी रेल: 2028 तक ब्यासी पहुंचेगी ट्रेन, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट का काम अंतिम दौर में

खुदाई और फाइनल लाइनिंग का काम समानांतर: 16 मुख्य और 13 एस्केप सुरंगों का निर्माण…

2 hours ago

लंपी वायरस की आहट से सरकार अलर्ट: पशुओं के अंतर्राज्यीय परिवहन और प्रदर्शनियों पर एक महीने की रोक, टीकाकरण तेज

देहरादून: पड़ोसी राज्यों में लंपी रोग (Lumpy Skin Disease) के बढ़ते मामलों को देखते हुए…

23 hours ago

स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा: उत्तराखंड में 52 हुई मरीजों की संख्या, रोकथाम के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें सक्रिय

देहरादून: उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू (इंफ्लुएंजा एच1एन1) के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है।…

23 hours ago

साबिर पाक के 758वें उर्स और ईद मिलादुन्नबी पर आस्था का सैलाब, कव्वालियों से गुलजार हुआ पिरान कलियर

पिरान कलियर दरगाह पिरान कलियर (हरिद्वार): विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स…

24 hours ago

सेना से रिटायर होकर बने ‘कीवी मैन’: 4 पौधों से शुरू की खेती, अब बंपर कमाई के साथ दूसरों को दे रहे रोजगार

टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में जहां पानी की कमी, जंगली जानवरों के आतंक…

1 day ago