नई दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्वास जताया है कि वैश्विक व्यापार में मंदी और अनिश्चितताओं के बावजूद चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत का वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात पिछले साल के समान स्तर पर रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसी उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं को लागू कर रही है, जिनका जोर उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुओं और सेवाओं पर है। ऐसा करने से देश के व्यापार घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और इसलिए हमारा व्यापार घाटा पिछले साल की तुलना में काफी कम रहेगा।
गोयल ने आगे कहा कि भारत का निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान 4.89 प्रतिशत घटकर 353.92 अरब अमेरिकी डॉलर था। इन दस महीने में सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 84.45 अरब डॉलर था। बीते वित्त वर्ष 2022-23 में भारत का वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 776 अरब डॉलर था। इस उपलब्धि को देखते हुए कि ज्यादातर विकासशील देशों और अल्प विकसित देशों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में गिरावट हुई है, यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध और इजराइल-हमास संघर्ष के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं प्रभावित हुई हैं। लाल सागर संकट के कारण परिवहन लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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