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रामलीला ग्राउंड शुद्धिकरण मामला: उत्तराखंड में गरमाई सियासत; प्रदेशभर में कांग्रेस का मोर्चा, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

13 August 2026

AI News Reader

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रामलीला ग्राउंड शुद्धिकरण मामला: उत्तराखंड में गरमाई सियासत; प्रदेशभर में कांग्रेस का मोर्चा, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

टिहरी में कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन.

देहरादून/हल्द्वानी: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के बाद जनसभा मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर उत्तराखंड का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। 8 अगस्त को रामलीला ग्राउंड में आयोजित खड़गे की जनसभा के बाद 11 अगस्त को ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ द्वारा मंच का शुद्धिकरण किया गया। इस घटना के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को पूरे राज्य में मोर्चा खोल दिया और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया।

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • मामला क्या है: 8 अगस्त को खड़गे ने हल्द्वानी में रैली की थी, 11 अगस्त को मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया।
  • कांग्रेस का रुख: घटना को निंदनीय बताते हुए प्रदेशभर में भाजपा के खिलाफ किया प्रदर्शन।
  • बड़ा आरोप: कांग्रेस नेताओं ने इसे देश के करोड़ों दलितों का अपमान बताया।
  • मांग: घटना को अंजाम देने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

8 अगस्त की रैली के बाद 11 अगस्त को हुआ ‘शुद्धिकरण’

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बीते 8 अगस्त को उत्तराखंड दौरे पर आए थे। उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला ग्राउंड में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया था। हालांकि, 11 अगस्त को ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ नामक संगठन के लोगों ने उस मंच का शुद्धिकरण कर दिया। इस घटना का वीडियो और खबर सामने आते ही प्रदेश भर में राजनीतिक उबाल आ गया।

पूर्व विधायक जीतराम बोले— ‘यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला’

कांग्रेस के पूर्व विधायक जीत राम टम्टा ने मंच के शुद्धिकरण को बेहद शर्मनाक और निंदनीय करार दिया।

उन्होंने कहा:

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“भाजपा और उससे जुड़े संगठनों द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे समाज में गलत और घातक संदेश जाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बाद मंच का शुद्धिकरण करना न केवल कांग्रेस का अपमान है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए भी चिंता का विषय है। भाजपा लगातार धर्म और जाति की ओछी राजनीति कर रही है।”
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SC विभाग प्रदेश अध्यक्ष बोले— ‘नड्डा की माफी से मामला खत्म नहीं होगा’

वहीं, कांग्रेस के अनुसूचित जाति (SC) विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल ने इस मुद्दे पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने आरोप लगाया:

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“बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के केवल माफी मांग लेने से यह मामला खत्म नहीं हो जाता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नैनीताल के पुलिस कप्तान इस गंभीर मामले में आंखें और कान बंद करके बैठे हैं। इस घटना ने भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों की दलित विरोधी मानसिकता को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।”
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मदनलाल ने आगे कहा कि यह सिर्फ मल्लिकार्जुन खड़गे या किसी एक पार्टी का मामला नहीं है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के सम्मान का सवाल है, जो लंबे समय से हाशिए पर खड़े समाज से आते हैं। अब ऐसे जातीय भेदभाव और अपमानजनक कृत्यों को चुपचाप सहने का समय खत्म हो चुका है।

कांग्रेस की मांग: दोषियों पर हो तुरंत FIR

प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि इस घटना को अंजाम देने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में सामाजिक सौहार्द बना रहे।