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उत्तराखंड में बारिश का कहर: अलकनंदा खतरे के निशान के पास पहुंची, डैम के गेट खोले; लक्सर के 24 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा

6 August 2026

AI News Reader

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उत्तराखंड में बारिश का कहर: अलकनंदा खतरे के निशान के पास पहुंची, डैम के गेट खोले; लक्सर के 24 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा

मुख्य बिंदु:

  • नदियां-नाले उफान पर: चमोली और रुद्रप्रयाग में मूसलाधार बारिश से मैदानी इलाकों में जनजीवन प्रभावित, जगह-जगह लैंडस्लाइड।
  • अलकनंदा 534.76 मीटर पर: श्रीनगर में अलार्म लेवल (535 मीटर) के करीब पहुंचा जलस्तर, श्रीनगर डैम के सभी गेट खोलकर छोड़ा जा रहा पानी।
  • लक्सर में गंगा का जलस्तर बढ़ा: सीजन में पहली बार गंगा 292.50 मीटर पहुंची, खादर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में अलर्ट जारी।
  • प्रशासन पूरी तरह अलर्ट: बाढ़ चौकियों को मुस्तैद किया गया; एसडीएम ने ग्रामीणों, बच्चों और पशुपालकों से नदी किनारे न जाने की अपील की।

श्रीनगर/लक्सर। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में साफ देखने को मिल रहा है। चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं और मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। श्रीनगर गढ़वाल में अलकनंदा और लक्सर में गंगा नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

श्रीनगर: अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा, श्रीनगर डैम के सभी गेट खोले गए

गुरुवार को पहाड़ी क्षेत्रों से आए भारी पानी के कारण श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़कर 534.76 मीटर तक पहुंच गया। यह जलस्तर अलार्म लेवल (535 मीटर) से मात्र कुछ ही सेंटीमीटर नीचे है, जबकि नदी का डेंजर लेवल 536 मीटर निर्धारित है।

ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक तेजी से बढ़ने के बाद सुरक्षा के लिहाज से श्रीनगर जलविद्युत परियोजना (डैम) के सभी गेट खोल दिए गए हैं और बड़ी मात्रा में पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। प्रशासन ने अलकनंदा के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के करीब न जाने की सख्त चेतावनी जारी की है।

लक्सर: गंगा का जलस्तर 292.50 मीटर पहुंचा, खादर क्षेत्र में अलर्ट

उधर, लक्सर क्षेत्र में इस मानसून सीजन में पहली बार गंगा नदी का जलस्तर 292.50 मीटर तक पहुंच गया है। इसके चलते खादर क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का सीधा खतरा पैदा हो गया है।

स्थिति को देखते हुए जिला व स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

प्रशासन की अपील: तटीय क्षेत्रों में जाने से बचें

मामले पर एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय ग्रामीण इलाकों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी की ओर न जाएं और विशेष रूप से बच्चों तथा पशुपालकों को नदी तटों से दूर रखें। साथ ही सभी ग्राम प्रधानों और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।