
पिथौरागढ़ | उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बकरियां चराने और कीड़ा-जड़ी निकालने गए एक 35 वर्षीय युवक की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं, निचले इलाकों में भारी बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।
खबर की बड़ी बातें:
- हादसा: रपकिया तोक (उच्च हिमालय) में आकाशीय बिजली की चपेट में आया युवक।
- मृतक: खेत गांव निवासी तेज सिंह (35 वर्ष)।
- चुनौती: नेटवर्क न होने के कारण समय पर नहीं मिली सूचना, ग्रामीण शव लेकर धारचूला पहुंचे।
- शहर का हाल: पिथौरागढ़ और डीडीहाट की दुकानों-घरों में घुसा पानी; नगर निकाय की सफाई व्यवस्था की खुली पोल।
- खेती को नुकसान: गेहूं, आम, लीची और सब्जियों की फसल बर्बाद।
नेटवर्क न होने से सूचना देने में हुई देरी
खेत गांव निवासी तेज सिंह उच्च हिमालयी क्षेत्र के रपकिया तोक में भेड़-बकरियां चराने और कीड़ा-जड़ी (कैटपिलर फंगस) ढूंढने गया था। खराब मौसम के दौरान अचानक गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इलाके में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण साथ मौजूद ग्रामीण प्रशासन को सूचना नहीं दे सके। मंगलवार को ग्रामीण खुद शव लेकर धारचूला पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बारिश ने खोली नगर निगम की पोल
पिथौरागढ़ और डीडीहाट में दोपहर बाद करीब दो घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। जिला मुख्यालय की सड़कों पर गंदा पानी बहने लगा। बैंक रोड और पुराना बाजार में नालियां चोक होने से बारिश का पानी दुकानों और घरों में घुस गया। इससे नगर निगम के सफाई के दावों की पोल खुल गई। गांधी चौक पर खुले में दुकान लगाने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
अन्नदाता पर दोहरी मार: फसलें तहस-नहस
मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
- बर्बाद फसलें: खेतों में सूखने के लिए रखा गया गेहूं खराब हो गया। कद्दू, ककड़ी, मिर्च और बैंगन के पौधे ओलों की मार से नष्ट हो गए।
- फलों को नुकसान: आंधी-तूफान के कारण आम और लीची के फल समय से पहले ही पेड़ों से गिर गए।
- अंधेरा: अस्कोट और नाचनी के कई गांवों में दिन में ही घने बादलों के कारण अंधेरा छा गया।
प्रशासन का बयान
धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि आकाशीय बिजली से युवक की मौत की सूचना मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
