
रुद्रपुर/किच्छा: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा स्थित बहुचर्चित ‘खान फार्म’ भूमि विवाद में शनिवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। सिविल कोर्ट किच्छा द्वारा 1 जुलाई से पहले की यथास्थिति (स्टेटस क्वो) बहाल करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने के आदेश जारी होने के बाद, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायरा वाड्रा अपने सहयोगियों के साथ खान फार्म पहुंच गईं। कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और उन्हें फार्महाउस के भीतर प्रवेश कराया गया।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
कोर्ट के निर्देशानुसार हुई इस कार्रवाई पर किच्छा के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) गौरव पांडे ने बताया, “1 जुलाई के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए सायरा वाड्रा को फार्म हाउस के अंदर प्रवेश दिला दिया गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए परिसर के बाहर व आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है।”
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अदालती आदेश तामील होने के बाद दूसरे पक्ष की ओर से नसरीन सांगा फार्म परिसर से बाहर आ गईं, जिसके बाद सायरा वाड्रा ने अपने सहयोगियों के साथ संपत्ति में प्रवेश किया।
अदालत में दायर किया गया था अवमानना का प्रार्थना पत्र
जानकारी के अनुसार, सायरा वाड्रा ने 3 जुलाई को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) किच्छा की अदालत में न्यायालय की अवमानना से संबंधित एक प्रार्थना पत्र दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अदालत द्वारा पूर्व में दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है और मौके पर यथास्थिति को प्रभावित करने का प्रयास किया गया है।
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों पर विचार करने के बाद शनिवार देर शाम निर्देश दिए कि 1 जुलाई से पहले की स्थिति को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले के अंतिम निस्तारण तक किसी भी पक्ष द्वारा यथास्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को सायरा वाड्रा और उनके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अदालती आदेशों का शांतिपूर्ण पालन हो सके।
‘हमेशा सत्य की जीत होती है’: सायरा वाड्रा
न्यायालय के इस आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सायरा वाड्रा ने कहा, “हमेशा सत्य की ही जीत होती है। कोर्ट द्वारा दिए गए यथास्थिति बहाल करने के आदेश के आधार पर ही हम पुनः फार्महाउस पहुंचे हैं। मैं न्यायालय के इस निर्णय के प्रति अपना आभार व्यक्त करती हूँ।”
कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसकी पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अदालत के आदेशों की अवहेलना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। खान फार्म से जुड़ा यह संपत्ति विवाद पिछले कुछ समय से कुमाऊं क्षेत्र में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
