मसूरी/देहरादून: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शाहिद कपूर रविवार शाम अपनी पत्नी मीरा राजपूत कपूर, बेटी मिशा कपूर और बेटे जैन कपूर के साथ पहाड़ों की रानी मसूरी पहुंचे. शाहिद कपूर की इस यात्रा का उद्देश्य इस बार पर्यटन न होकर अपनी बेटी मिशा कपूर का मसूरी के प्रतिष्ठित वुडस्टॉक स्कूल के समर प्रोग्राम में दाखिला कराना था. बेटी को स्कूल के छात्रावास (हॉस्टल) में छोड़ने के बाद शाहिद कपूर अपने परिवार के साथ मुंबई के लिए वापस रवाना हो गए.
वुडस्टॉक स्कूल का इस वर्ष का यह दूसरा समर प्रोग्राम है. इस 12 दिवसीय विशेष कार्यक्रम में देश और विदेश के करीब 151 छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं. इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों के समग्र विकास के लिए कई तरह की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. प्रतिभागी बच्चे इस दौरान विभिन्न शैक्षणिक, रचनात्मक, खेल-कूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे.
स्कूल परिसर पहुंचने पर शाहिद कपूर ने मुख्य विद्यालय भवन का भ्रमण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने स्कूल के कैफेटेरिया और छात्रावास सहित विभिन्न प्रमुख स्थानों को भी देखा और वहां मौजूद सुविधाओं की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने परिसर और आसपास फैली प्राकृतिक सुंदरता का भी आनंद लिया.
शाहिद कपूर के मसूरी पहुंचने की खबर जैसे ही प्रशंसकों को मिली, वैसे ही उन्हें देखने के लिए स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. हालांकि, अपनी इस निजी यात्रा के दौरान अभिनेता ने मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी. उन्होंने किसी भी पत्रकार से औपचारिक बातचीत नहीं की.
इसके बावजूद, शाहिद कपूर ने वहां मौजूद अपने प्रशंसकों को बिल्कुल निराश नहीं किया. उन्होंने मुस्कुराते हुए प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया और कई लोगों के साथ तस्वीरें व सेल्फी भी खिंचवाईं.
शाहिद कपूर का मसूरी से पुराना नाता रहा है और वे पहले भी अपनी बेटी की शिक्षा व स्कूल से जुड़े कार्यक्रमों के सिलसिले में कई बार यहां आ चुके हैं. हाल के दिनों में मसूरी के प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूल देश के बड़े उद्योगपतियों, खिलाड़ियों, नौकरशाहों और फिल्मी हस्तियों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं. हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी अपने परिवार के साथ बच्चों की शिक्षा के सिलसिले में मसूरी आए थे. विशेषज्ञों के अनुसार, यहां की बेहतरीन अनुशासित व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक माहौल, सुरक्षित परिसर और प्राकृतिक वातावरण देश-विदेश के अभिभावकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.
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