UTTARAKHAND

सितारगंज: नारायण पाल की कांग्रेस में वापसी से गरमाया सियासी पारा, स्वागत समारोह के बीच अंतर्कलह भी आई सामने

सितारगंज। विधानसभा चुनाव से पहले सितारगंज में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक नारायण पाल के कांग्रेस में शामिल होते ही क्षेत्र के सियासी समीकरण बदलने लगे हैं। बुधवार को नारायण पाल के प्रथम बार सितारगंज पहुँचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया, लेकिन इस दौरान पार्टी के भीतर की गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई।

भव्य स्वागत और शक्ति प्रदर्शन

कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद सितारगंज पहुंचे नारायण पाल का सिरसा मोड़ और सिसैया सहित कई स्थानों पर फूल-मालाओं के साथ अभिनंदन किया गया। करन गार्डन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ा। इस दौरान नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

सरकार पर बोला हमला, नए आंदोलन का शंखनाद

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नारायण पाल ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा:

  • सिडकुल और रोजगार: “मैंने एनडी तिवारी सरकार के समय पैरवी कर सिडकुल स्थापित कराया और 70% स्थानीय रोजगार का नियम लागू कराया, लेकिन भाजपा के शासन में कोई नया उद्योग नहीं लगा।”
  • स्वास्थ्य और खनन: उन्होंने अस्पतालों की बदहाली और खनन के नाम पर किसानों की जमीनों को खोदे जाने का मुद्दा उठाया।
  • नया नारा: जनता को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने “नशा नहीं.. रोजगार दो.. काम का अधिकार दो” के नारे के साथ व्यापक जन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।

अंतर्कलह: अपनों ने ही बनाई दूरी

नारायण पाल की वापसी ने कांग्रेस के भीतर पुराने जख्मों को भी हरा कर दिया है। पूर्व विधायक प्रत्याशी नवतेज पाल और पूर्व पालिका अध्यक्ष हरीश दुबे की कार्यक्रम से दूरी चर्चा का विषय बनी रही।

  • नवतेज पाल का विरोध: उन्होंने स्पष्ट कहा कि पिछले चुनाव में नारायण पाल ने पार्टी से बगावत कर बसपा से चुनाव लड़ा था, जिससे कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने स्थानीय दावेदारों को विश्वास में लिए बिना उन्हें सदस्यता दिलाई है।
  • हरीश दुबे की सफाई: पूर्व पालिका अध्यक्ष ने निजी व्यस्तता का हवाला दिया, हालांकि राजनीतिक गलियारों में इसे नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।

प्रमुख उपस्थित लोग

कार्यक्रम में सरताज अहमद, निर्भय पाल, एडवोकेट जितेंद्र पाल, नारायण बिष्ट, हरपाल सिंह, डॉ. गणेश उपाध्याय, हसनैन मलिक सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

निष्कर्ष: नारायण पाल की वापसी ने जहाँ एक ओर कांग्रेस को मजबूती देने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर टिकट की दावेदारी और पुरानी गुटबाजी ने पार्टी नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।

Tv10 India

Recent Posts

बदरीनाथ धाम को हाईटेक अस्पताल की सौगात, अक्तूबर में पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…

14 hours ago

उत्तराखंड: रिवर्स पलायन को गति देने के लिए हर जिले में होंगी प्रवासी पंचायतें, सीएम धामी ने दिए निर्देश

गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…

14 hours ago

सीएम धामी का बड़ा ऐलान: देहरादून के ’13 गांव’ में बनेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र; स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…

18 hours ago

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ‘चौपाल-2026’ का आयोजन; टिहरी और चमोली में प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…

20 hours ago

हाईकोर्ट शिफ्टिंग विवाद: नैनीताल से हल्द्वानी ट्रांसफर पर सुनवाई पूरी, खंडपीठ ने सुरक्षित रखा फैसला

नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…

20 hours ago

IIT रुड़की और GB पंत संस्थान की चेतावनी: जलवायु परिवर्तन से कोसी नदी पर गहराया खतरा, तेजी से गिरेगा भूजल

रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…

2 days ago