नई दिल्ली: साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम ने अपने घरेलू मैदान को ऐसा किला बना दिया है, जिसे तोड़ पाना किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। दुनियाभर की टीमें यहां जीत का सपना लेकर आती हैं, लेकिन हार का बोझ लेकर लौटती हैं। हाल ही में श्रीलंका के साथ यही हुआ, जब दो मैचों की टेस्ट सीरीज में साउथ अफ्रीका ने उनका सूपड़ा साफ कर दिया। इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल की दौड़ में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। हालांकि, फाइनल तक पहुंचने के लिए उन्हें अब भी एक आखिरी बाधा पार करनी है।
यह आंकड़े बताने के लिए काफी हैं कि साउथ अफ्रीका अपने घर में कितनी ताकतवर टीम है। दिसंबर 2020 के बाद से साउथ अफ्रीका ने घरेलू सरजमीं पर 13 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से 11 में उसे जीत मिली है। केवल दो हार उसे झेलनी पड़ी हैं, और ये दोनों हार भारतीय टीम ने दी थीं। बाकी सभी बड़ी टीमें यहां हार का सामना कर चुकी हैं।
अब साउथ अफ्रीका की अगली चुनौती पाकिस्तान है, जो दिसंबर में दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए साउथ अफ्रीका का दौरा करेगी। यह सीरीज WTC के मौजूदा चक्र में दोनों टीमों के लिए आखिरी होगी। जहां पाकिस्तान पहले ही फाइनल की दौड़ से बाहर हो चुका है, वहीं साउथ अफ्रीका को फाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ एक जीत की जरूरत है।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए, साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनकी चुनौती और भी मुश्किल लगती है। टेम्बा बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीकी टीम शानदार लय में है। हालिया जीतों ने उनका आत्मविश्वास और भी बढ़ा दिया है।
अब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ में चार टीमें ही प्रमुख रूप से बची हैं—साउथ अफ्रीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका। हालांकि, श्रीलंका की संभावना काफी कम है, लेकिन वे अभी भी रेस में बने हुए हैं।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट इस दौड़ में निर्णायक साबित हो सकता है। जो भी टीम यह मैच जीतेगी, वह फाइनल के और करीब पहुंच जाएगी। वहीं, साउथ अफ्रीका के पास अपने घरेलू मैदान पर पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह पक्की करने का सुनहरा मौका है।
साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच यह बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज 26 दिसंबर से शुरू होगी। हालांकि, इसकी चर्चा अभी से शुरू हो चुकी है, क्योंकि यह न सिर्फ WTC फाइनल की दौड़ को प्रभावित करेगी, बल्कि घरेलू क्रिकेट में साउथ अफ्रीका की बादशाहत को भी एक बार फिर साबित करने का मौका होगी।
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