Swapna Shastra: भारतीय ज्योतिष और शकुन शास्त्र में, नीलकंठ पक्षी को अक्सर शुभता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस पक्षी का संबंध भगवान शिव से भी गहरा है, जिन्हें ‘नीलकंठ’ के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सपने में नीलकंठ पक्षी का दर्शन करता है, तो यह उसके लिए शुभ संकेतों का संदेश लेकर आता है।
विशेष रूप से, यदि कोई कुंवारा व्यक्ति इस पक्षी को सपने में देखता है, तो यह उसके शीघ्र विवाह होने का संकेत माना जाता है। इस पक्षी का दर्शन विशेष तौर पर दशहरे के दिन और सावन के महीने में अत्यंत शुभ माना जाता है।
यह मान्यता भगवान शिव की पौराणिक कथा से जुड़ी है, जहां उन्होंने समुद्र मंथन के दौरान उत्पन्न विष का पान किया था, जिससे उनका गला नीला पड़ गया था। इसी कारण उन्हें ‘नीलकंठ’ कहा जाता है।
इस प्रकार, नीलकंठ पक्षी का सपने में दर्शन न केवल शुभता का प्रतीक है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तनों का भी संकेत है। यह नई शुरुआतों, आशा और समृद्धि की ओर इशारा करता है।
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