Web Stories

नाग पंचमी की असली कहानी

प्राचीन काल की बात है। एक बार देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया। मंथन से अनेक अद्भुत वस्तुएँ निकलीं — उन्हीं में से एक था एक दिव्य, उज्जवल अश्व, जिसका नाम था उच्चैःश्रवा। यह घोड़ा श्वेत वर्ण का था, तेजस्वी और अनुपम सौंदर्य का प्रतीक।

उसे देखकर नागों की माता कद्रू ने अपनी सौत विनता से कहा, “देखो! यह अश्व तो काले बालों वाला है।”
विनता ने शांत स्वर में उत्तर दिया, “नहीं, यह घोड़ा पूर्णतः श्वेत है — न काला है, न लाल।”
दोनों में विवाद बढ़ा, और अंततः कद्रू ने शर्त रखी —
“यदि मैं इस अश्व के बालों को काले सिद्ध कर दूँ, तो तुम मेरी दासी बनोगी, और यदि न कर सकी तो मैं तुम्हारी दासी बन जाऊँगी।”

विनता ने यह शर्त स्वीकार कर ली।
अब कद्रू ने अपनी योजना बनाई। उसने अपने पुत्रों — नागों — को बुलाया और कहा,
“तुम सब उच्चैःश्रवा के बालों में जाकर लिपट जाओ, जिससे वह काले बालों वाला प्रतीत हो, और मैं यह शर्त जीत लूँ।”
परंतु नागों ने इस छल में भाग लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा,
“माँ! यह अनुचित है। हम किसी कपट में भाग नहीं लेंगे।”
कद्रू अपने ही पुत्रों की बात सुनकर क्रोध में भर गई और उन्हें भयंकर श्राप दे दिया —
“पाण्डवों के वंश में उत्पन्न राजा जनमेजय जब सर्प-यज्ञ करेंगे, तब तुम सब उस यज्ञ की अग्नि में भस्म हो जाओगे।”
यह सुनकर सभी नाग भयभीत हो गए। वे अपने प्रमुख वासुकि के साथ ब्रह्माजी की शरण में पहुँचे और अपना दुःख प्रकट किया।
ब्रह्माजी ने उन्हें आश्वस्त किया:
“घबराओ मत। समय आने पर एक तेजस्वी ब्राह्मण आस्तीक मुनि जन्म लेंगे। वे जनमेजय के सर्पयज्ञ को रोक देंगे और तुम सबकी रक्षा करेंगे।”
ब्रह्माजी ने यह भी कहा कि जिस दिन आस्तीक नागों की रक्षा करेंगे, वह तिथि पंचमी होगी। उसी दिन उन्होंने नागों को वरदान दिया था —
“पंचमी तिथि तुम्हारे लिए शुभ और पूज्य होगी।”
बाद में, जब जनमेजय ने सर्पयज्ञ आरंभ किया और अग्नि में लाखों नाग जलने लगे, तभी आस्तीक मुनि वहाँ पहुँचे और अपनी वाणी, ज्ञान और संयम से यज्ञ को रोक दिया। इस प्रकार, नाग जाति का संहार टल गया।

तभी से पंचमी तिथि नागों के लिए विशेष मानी जाती है। इसी दिन नागों की पूजा की जाती है, ताकि उनके कोप से रक्षा हो और उनका आशीर्वाद प्राप्त हो।

Tv10 India

Recent Posts

बदरीनाथ धाम को हाईटेक अस्पताल की सौगात, अक्तूबर में पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…

13 hours ago

उत्तराखंड: रिवर्स पलायन को गति देने के लिए हर जिले में होंगी प्रवासी पंचायतें, सीएम धामी ने दिए निर्देश

गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…

13 hours ago

सीएम धामी का बड़ा ऐलान: देहरादून के ’13 गांव’ में बनेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र; स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…

18 hours ago

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ‘चौपाल-2026’ का आयोजन; टिहरी और चमोली में प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…

19 hours ago

हाईकोर्ट शिफ्टिंग विवाद: नैनीताल से हल्द्वानी ट्रांसफर पर सुनवाई पूरी, खंडपीठ ने सुरक्षित रखा फैसला

नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…

19 hours ago

IIT रुड़की और GB पंत संस्थान की चेतावनी: जलवायु परिवर्तन से कोसी नदी पर गहराया खतरा, तेजी से गिरेगा भूजल

रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…

2 days ago