
देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड के देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश जैसे क्षेत्र एडवेंचर स्पोर्ट्स, विशेष रूप से बंजी जंपिंग के बड़े गढ़ बनकर उभरे हैं। लेकिन हाल ही में हुए कुछ गंभीर हादसों के बाद पर्यटकों की सुरक्षा और एडवेंचर ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद अब उत्तराखंड शासन ने सुरक्षा मानकों को बेहद कड़ा करने के लिए नई नियमावली लागू करने की पूरी तैयारी कर ली है।
पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल के अनुसार, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड ने बंजी जंपिंग के लिए नई गाइडलाइंस और सुरक्षा नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसे अगले एक महीने के भीतर लागू कर दिया जाएगा। इस नियमावली को बनाने के लिए सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ-साथ देश और विदेश के बेहतरीन एडवेंचर एक्सपर्ट्स से भी राय ली गई है।
नई नियमावली के 5 बड़े नियम
- मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य: 50 वर्ष से अधिक उम्र के जितने भी लोग बंजी जंपिंग का रोमांच महसूस करना चाहते हैं, उनके लिए अब मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होगा।
- बीमारियों वाले मरीजों पर रोक: हाई ब्लड प्रेशर और दिल (हार्ट) की बीमारी से पीड़ित लोगों को बंजी जंपिंग करने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
- डबल हार्नेस की सुरक्षा: जंपर्स को केवल पैरों के सहारे नहीं, बल्कि पैरों के साथ-साथ पूरे शरीर पर डबल हार्नेस देना जरूरी होगा।
- ट्रिपल चेक प्रोसेस: जंपिंग से पहले मानवीय चूक की गुंजाइश खत्म करने के लिए कम से कम दो से तीन अलग-अलग क्वालिफाइड ट्रेनर्स द्वारा सुरक्षा बेल्ट और उपकरणों का ‘ट्रिपल चेक’ (तीन बार जांच) किया जाना अनिवार्य होगा।
- बंजी कॉर्ड पर कड़े नियम: ऑपरेटरों को केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली प्राकृतिक रबर की बंजी कॉर्ड (Bungee Cord) का ही इस्तेमाल करना होगा। एक निश्चित समय सीमा पूरी होने के बाद इन रस्सियों को अनिवार्य रूप से बदलना होगा।
किन दो हादसों के बाद प्रशासन को उठाना पड़ा यह कदम?
- सुरक्षा रस्सी टूटने से हुआ था हादसा: पिछले साल 12 नवंबर 2025 को ऋषिकेश के शिवपुरी स्थित थ्रिल फैक्ट्री एडवेंचर पार्क में बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा रस्सी टूट गई थी। इसके चलते गुड़गांव का 24 वर्षीय युवक नीचे टिन की छत पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस हादसे ने बंजी कॉर्ड की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े किए थे।
- जंप के बाद युवक की मौत: हाल ही में 15 जून को बंजी जंपिंग करने के कुछ देर बाद एक युवक के पेट में तेज दर्द उठा और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। हालांकि परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम न कराए जाने के कारण मौत की वास्तविक वजह साफ नहीं हो सकी, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बंजी जंपिंग के दौरान शरीर में अचानक एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ता है। गुरुत्वाकर्षण के विपरीत भारी दबाव पड़ने से कभी-कभी दिल या आंतरिक अंगों पर अप्रत्याशित असर पड़ सकता है।
नियमों की अनदेखी पर रद्द होगा लाइसेंस, पर्यटन विभाग बनेगा नोडल एजेंसी
अब तक बंजी जंपिंग गतिविधियों की निगरानी जिला प्रशासन द्वारा की जाती थी, लेकिन नई नियमावली लागू होने के बाद उत्तराखंड पर्यटन विभाग ही इसकी नोडल एजेंसी होगी। पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने वाले ऑपरेटरों पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाया जाएगा और उनका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा।
