
देहरादून. उत्तराखंड में अब गली-मोहल्लों या सार्वजनिक स्थानों पर जुआ खेलने और सट्टा अड्डा चलाने वालों पर पुलिस का कड़ा डंडा चलेगा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026’ को मंजूरी दे दी गई है। इसे आगामी विधानसभा सत्र में पटल पर रखा जाएगा।
इसके लागू होते ही राज्य में अंग्रेजों के जमाने का 159 साल पुराना ‘गैंबलिंग एक्ट 1867’ खत्म हो जाएगा। पुराने कानून में मामूली जुर्माना देकर आरोपी छूट जाते थे, लेकिन नए कानून में 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपए तक के जुर्माने का सख्त प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा धामी कैबिनेट ने पूर्व सैनिकों के आरक्षण, अल्पसंख्यक आयोग के कार्यकाल और भाषा संस्थान को लेकर भी कई अहम फैसले लिए हैं।
सट्टेबाजों पर कसेगा शिकंजा: जानिए सजा के 4 नए और सख्त प्रावधान
- गली/सड़क पर जुआ खेलना: सार्वजनिक रूप से जुआ खेलते पकड़े जाने पर 3 महीने की जेल या 5 हजार रुपए का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है।
- घर में जुआ खिलाना: अगर कोई व्यक्ति अपने घर में जुआ खिलाता है, तो उसे 2 साल की जेल या 10 हजार रुपए का जुर्माना भरना होगा।
- जुआघर (अड्डा) चलाना: प्रॉपर जुआघर चलाने वालों पर 5 साल की जेल या 1 लाख रुपए का जुर्माना (या दोनों) लगाया जाएगा।
- सट्टेबाजी का सिंडिकेट चलाना: संगठित रूप से बड़े स्तर पर सट्टेबाजी का रैकेट चलाने वालों को 3 से 5 साल तक की जेल होगी और 10 लाख रुपए तक का भारी-भरकम जुर्माना देना होगा।
धामी कैबिनेट के 4 अन्य बड़े फैसले:
1. पूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरी में सिर्फ एक बार मिलेगा आरक्षण
कैबिनेट ने फैसला लिया है कि भूतपूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरी में आरक्षण का लाभ अब केवल एक बार ही मिलेगा। 2020 में इसका शासनादेश जारी हुआ था, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर बकायदा ‘एक्ट’ बनाने का आदेश दिया था। अब सरकार इसके लिए अधिनियम लाने जा रही है। अगर कोई पूर्व सैनिक एक बार आरक्षण से नौकरी पा लेता है, तो भविष्य में वह किसी अन्य सरकारी पद के लिए इस कोटे का दावा नहीं कर सकेगा।
2. अल्पसंख्यक आयोग का कार्यकाल 5 से घटाकर 3 साल किया गया
‘उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक 2026’ को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत अब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष कर दिया गया है।
3. भाषा संस्थान में ‘नेपाली अकादमी’ को मिली जगह
उत्तराखंड भाषा संस्थान अधिनियम, 2018 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अभी तक इसमें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और पंजाबी भाषाएं शामिल थीं। अब इसमें ‘उत्तराखंड नेपाली अकादमी’ को भी शामिल कर लिया गया है, जिससे राज्य में नेपाली साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
4. नैनीताल में खुलेंगे दो नए प्राइवेट विश्वविद्यालय
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक के तहत नैनीताल जिले में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘तुलाज’ (Tula’s) और ‘शिवालिक’ नाम से दो नए प्राइवेट विश्वविद्यालय स्थापित करने को हरी झंडी दे दी गई है।
