
देहरादून: उत्तराखंड में साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। कांग्रेस आगामी 28 जून से राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा प्रदेशव्यापी जन जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। इसे कांग्रेस की चुनावी रणनीति का पहला चरण माना जा रहा है। इस अभियान के जरिए पार्टी का लक्ष्य सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर आम जनता के साथ-साथ जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना है।
10 जिले और 4 जोन में बंटी कमान
देहरादून स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। नेताओं ने बताया कि पहले चरण के तहत प्रदेश के 10 जिलों को 4 अलग-अलग जोन में बांटा गया है, जिनकी कमान वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है:
- पहला जोन (पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत): इस जोन में चलाए जाने वाले अभियान का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल करेंगे।
- दूसरा जोन (रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल और चमोली): इन जिलों में चुनावी अभियान को चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और अन्य वरिष्ठ नेता लीड करेंगे।
- तीसरा जोन (उत्तरकाशी और टिहरी): इस महत्वपूर्ण जोन की कमान स्वयं चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और अन्य बड़े नेताओं के हाथों में होगी।
- चौथा जोन (अल्मोड़ा और नैनीताल): इस जोन में अभियान का नेतृत्व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा द्वारा किया जाएगा।
हरीश रावत और यशपाल आर्य को मिली विशेष जिम्मेदारी
प्रीतम सिंह ने जानकारी दी कि पार्टी के दो वरिष्ठ दिग्गजों—पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य—को किसी एक जोन में सीमित नहीं किया गया है। दोनों नेताओं को यह छूट दी गई है कि वे अपनी सुविधानुसार चारों जोन के किसी भी जिले में जाकर इस जन जागरूकता अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। पार्टी का प्रयास रहेगा कि ये दोनों वरिष्ठ नेता सभी चारों जोनों के जिलों में प्रवास करें, ताकि संगठन को अतिरिक्त मजबूती मिल सके।
इन जनमुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मुख्य विपक्षी दल होने के नाते उनका दायित्व है कि वे जनता के बीच जाकर राज्य की वास्तविक स्थिति को सामने रखें। इस अभियान के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता गांव-गांव जाकर निम्नलिखित मुद्दों पर जनता को जागरूक करेंगे:
- बदहाल शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं
- बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई
- भ्रष्टाचार और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले
- प्रदेश में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था
कांग्रेस का दावा है कि इस सघन अभियान से वर्तमान सरकार की कमियां खुलकर जनता के सामने आएंगी और राज्य में एक बार फिर राजनीतिक बदलाव की लहर तैयार होगी।
