देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक (Adventure) और ईको टूरिज्म (Eco-Tourism) को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए राज्य सरकार पहली बार एक व्यापक पर्वतारोहण (Mountaineering) और ट्रैकिंग नीति बनाने जा रही है। इस नीति का प्रस्ताव अगले माह (अगस्त) तक राज्य कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए लाया जा सकता है। इसके साथ ही, अब वन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों, ट्रैकिंग और वन विश्राम गृहों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।
सचिवालय में ईको टूरिज्म गतिविधियों को लेकर वन और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साहसिक गतिविधियों के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। इसे बिना प्रकृति को नुकसान पहुंचाए स्थानीय नागरिकों की आजीविका और स्वरोजगार से जोड़ा जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने बैठक में वन विश्राम गृहों और चिह्नित 31 ट्रैकिंग स्थलों पर ईको कैंप संचालन के लिए वन विभाग या वन निगम में से किसी एक एजेंसी का चयन कर एक महीने में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही, वन निगम को प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शीघ्र शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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